लखनऊ के पारा में अवैध डेयरियों पर कार्रवाई, 100 से अधिक मवेशी जब्त

18 Aug 2026

लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में अवैध डेयरियों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। बुद्धेश्वर क्षेत्र के गादियाना आदर्श विहार में रविवार को नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम पर हुए हमले के बाद मंगलवार सुबह इलाके में भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती के बीच अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान रिहाइशी क्षेत्र से 100 से अधिक मवेशियों को जब्त कर कैटल कैचर वाहनों के जरिए कान्हा उपवन भेजा गया।

इस मामले में पुलिस ने घायल बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी विनय पटेल की तहरीर पर 12 नामजद और 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा और बलवा समेत गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई है। प्रशासन की ओर से संबंधित संपत्तियों और निर्माण की जांच भी शुरू कराई गई है।

जानकारी के मुताबिक, रविवार को नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम पारा थाना क्षेत्र में अवैध डेयरियों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची थी। टीम द्वारा मवेशियों को पकड़कर ले जाने के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। बताया गया कि टीम करीब 18 मवेशियों को पकड़कर ले जा रही थी, तभी पशुपालकों और अन्य लोगों ने टीम को घेर लिया। आरोप है कि भीड़ ने पुलिस और नगर निगम कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी।

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घटना में बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी दरोगा विनय पटेल घायल हुए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने उनके साथ मारपीट की, उनकी वर्दी फाड़ दी और गला दबाने का प्रयास किया। इसी दौरान एक महिला द्वारा लोहे की जंजीर से उनके सिर पर वार किए जाने का भी आरोप है। इस हमले में चौकी प्रभारी के सिर पर चोट लगी और उन्हें छह टांके आए। हमले में नगर निगम के तीन कर्मचारी भी घायल बताए गए हैं। इसके अलावा कार्रवाई में इस्तेमाल किए जा रहे तीन सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

रविवार की घटना के बाद मंगलवार सुबह पारा क्षेत्र में प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ पीएसी की एक कंपनी तैनात की गई। इसके अलावा तीन थानों की पुलिस को भी मौके पर लगाया गया है। कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों और नगर निगम कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, टीम के सदस्य हेलमेट और बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर कार्रवाई में शामिल हुए। इलाके में सुरक्षा बढ़ाने का उद्देश्य अभियान के दौरान किसी भी संभावित विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटना बताया गया है।

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मंगलवार को शुरू हुए अभियान के दौरान रिहाइशी इलाकों में चल रही डेयरियों से 100 से अधिक भैंसों को जब्त किया गया। नगर निगम के कैटल कैचर वाहनों के जरिए इन मवेशियों को कान्हा उपवन भेजा गया। कार्रवाई का केंद्र ऐसे स्थान रहे जहां रिहाइशी क्षेत्र में डेयरी संचालन किए जाने की बात सामने आई है। नगर निगम की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में मवेशियों को कब्जे में लिया और उन्हें निर्धारित स्थान पर भेजने की प्रक्रिया पूरी की। अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक मजबूत रखी गई, ताकि रविवार जैसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

पुलिस ने इस मामले में कुल 24 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें 12 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 12 अन्य को अज्ञात के तौर पर शामिल किया गया है। मुकदमा घायल चौकी प्रभारी विनय पटेल की तहरीर के आधार पर दर्ज किया गया। आरोपों में हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा और बलवा जैसी धाराएं शामिल हैं। मामले में दो सगी बहनों समेत कई लोगों की गिरफ्तारी किए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

हमले के मामले में कानूनी कार्रवाई के साथ प्रशासन ने आरोपियों से जुड़ी संपत्तियों और निर्माण कार्यों की भी जांच शुरू कर दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के उपजिलाधिकारी को संबंधित संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि रिहाइशी क्षेत्र में संचालित डेयरियों और उनसे जुड़े निर्माण नियमानुसार हैं या नहीं। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि निर्माण संबंधी अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संपत्तियों के खिलाफ नियमानुसार नोटिस की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद आवश्यक होने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किए जाने की तैयारी है।

अवैध निर्माण की जांच के साथ प्रशासन ने संभावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई की तैयारी भी शुरू कर दी है। जिन निर्माणों को नियमों के विपरीत पाया जाएगा, उन पर प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की बात कही गई है। इससे पहले अभियान का मुख्य फोकस अवैध डेयरियों और मवेशियों को रिहाइशी इलाके से हटाने पर रहा। अब प्रशासनिक जांच में सामने आने वाली निर्माण संबंधी स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

रविवार की घटना के बाद मंगलवार की कार्रवाई में सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई। पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम के साथ अतिरिक्त बल की मौजूदगी सुनिश्चित की गई। मौके पर पीएसी की कंपनी और तीन थानों की पुलिस तैनात किए जाने के साथ अभियान में शामिल कर्मियों को हेलमेट और बुलेटप्रूफ जैकेट भी उपलब्ध कराए गए। इससे साफ है कि प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए।

एक ओर पुलिस रविवार की घटना में शामिल लोगों की गिरफ्तारी और जांच में जुटी है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम की कार्रवाई जारी है। अब तक 100 से अधिक मवेशियों को जब्त कर कान्हा उपवन भेजा जा चुका है। पुलिस ने नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं प्रशासनिक स्तर पर संपत्तियों और निर्माणों की स्थिति की जांच की जा रही है।