राजधानी लखनऊ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर पुलिस परिसरों में विशेष तैयारियां की गई हैं। लखनऊ रिजर्व पुलिस लाइन से लेकर शहर के विभिन्न पुलिस थानों और पीएसी महानगर परिसर तक मंदिरों को सजाया गया है और कृष्ण जन्मोत्सव से जुड़ी झांकियां तैयार की गई हैं। पुलिस लाइन में जन्माष्टमी के अवसर पर 25 से अधिक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारी है।
लखनऊ रिजर्व पुलिस लाइन में होने वाले मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने का कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री यहां श्रीकृष्ण मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे और जन्माष्टमी से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
लखनऊ रिजर्व पुलिस लाइन में इस बार जन्माष्टमी के अवसर पर केवल पूजा-अर्चना ही नहीं, बल्कि कई सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में 25 से अधिक प्रस्तुतियों की तैयारी की गई है। इनमें कथक, भरतनाट्यम और कृष्णलीला प्रमुख हैं। पुलिस मॉडर्न स्कूल के बच्चे और पुलिस परिवारों से जुड़े बच्चे भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा संस्कृति विभाग और भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय से जुड़े कलाकारों की प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगी। पुलिस लाइन परिसर में श्रीकृष्ण मंदिर में झांकी भी सजाई गई है। जन्माष्टमी के अवसर पर श्रद्धालु और पुलिस परिवार मंदिर में दर्शन-पूजन में शामिल होंगे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा, लखनऊ और गोरखपुर के कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन-पूजन और गोपूजन के बाद लखनऊ पहुंचेंगे। लखनऊ में मुख्यमंत्री रिजर्व पुलिस लाइन स्थित श्रीकृष्ण मंदिर में सजाई गई झांकी के दर्शन करेंगे। इसके बाद वह वहां आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। लखनऊ कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री देर रात गोरखपुर पहुंचेंगे, जहां गोरखनाथ मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल होने का कार्यक्रम है। इस तरह मुख्यमंत्री के जन्माष्टमी कार्यक्रम में मथुरा, लखनऊ और गोरखपुर तीन स्थान शामिल हैं। लखनऊ में उनका कार्यक्रम पुलिस लाइन में आयोजित जन्माष्टमी समारोह से जुड़ा है।
लखनऊ के पीएसी महानगर परिसर में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। परिसर में भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप से लेकर राधा-कृष्ण और कालिया नाग से जुड़ी झांकियां तैयार की गई हैं। जन्माष्टमी कार्यक्रम में मथुरा से आने वाली टीमों की ओर से रासलीला, कृष्णलीला और फूलों की होली का मंचन किया जाएगा। पुलिसकर्मी और उनके परिवार भी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग पर आधारित प्रस्तुतियां देंगे। पीएसी परिसर में तैयार की जा रही झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्देश्य जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनसे जुड़े प्रसंगों को मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रस्तुत करना है।
लखनऊ शहर के विभिन्न पुलिस थानों में भी जन्माष्टमी को लेकर पुलिसकर्मियों ने अपने स्तर पर तैयारियां की हैं। कई थाना परिसरों में स्थित मंदिरों को सजाया गया है। कुछ स्थानों पर श्रीकृष्ण से संबंधित झांकियां तैयार की गई हैं। जहां झांकियों की तैयारी की गई है, वहीं कुछ पुलिस परिसरों में पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की गई है। जन्माष्टमी की रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के निर्धारित समय यानी रात 12 बजे आरती और जयकारों के साथ जन्मोत्सव मनाने की तैयारी है। पुलिस परिसरों में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में पुलिसकर्मियों के परिवारों की भी भागीदारी रहेगी। इससे पुलिस लाइन और थाना परिसरों में जन्माष्टमी के अवसर पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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जन्माष्टमी के अवसर पर लखनऊ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस के सामने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी भी है। पुलिसकर्मियों के लिए यह आयोजन ऐसे समय हो रहा है जब शहर में धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही और विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान कानून-व्यवस्था तथा यातायात प्रबंधन भी करना है। पुलिस लाइन और थानों में पुलिसकर्मियों के परिवार जन्माष्टमी कार्यक्रमों की तैयारी में शामिल होंगे, जबकि पुलिसकर्मी शहर के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।
लखनऊ पुलिस लाइन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। जन्माष्टमी के दौरान शहर में बढ़ने वाली भीड़ और मुख्यमंत्री के आवागमन को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वीआईपी आवागमन और जन्माष्टमी की भीड़ को ध्यान में रखते हुए आवश्यक यातायात डायवर्जन की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखना और भीड़ वाले क्षेत्रों में आवागमन को व्यवस्थित करना है।
पीएसी महानगर परिसर के कार्यक्रम में मथुरा से आने वाली टीमों की प्रस्तुतियां भी प्रस्तावित हैं। रासलीला और कृष्णलीला के साथ फूलों की होली का मंचन किया जाएगा मथुरा भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि से जुड़े धार्मिक महत्व के कारण जन्माष्टमी समारोहों का प्रमुख केंद्र रहता है। लखनऊ के पीएसी परिसर में मथुरा की टीमों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले कार्यक्रम इसी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े होंगे। इसके साथ ही पुलिसकर्मी और उनके परिवार भी श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।
लखनऊ रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस मॉडर्न स्कूल के बच्चों को भी मंच पर प्रस्तुति देने का अवसर मिलेगा। पुलिस परिवारों से जुड़े बच्चे भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। कथक और भरतनाट्यम जैसे शास्त्रीय नृत्य के साथ कृष्णलीला को कार्यक्रम में शामिल किया गया है। संस्कृति विभाग और भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय से जुड़े कलाकारों की प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगी। इससे पुलिस लाइन का जन्माष्टमी आयोजन धार्मिक कार्यक्रम के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी मंच बनेगा।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाएगा। लखनऊ के पुलिस परिसरों में इस दौरान आरती और जयकारों के साथ जन्मोत्सव मनाने की तैयारी है। थाना परिसरों और पुलिस लाइन में स्थित मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ जन्माष्टमी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कुछ स्थानों पर प्रसाद वितरण की भी तैयारी की गई है।