इलाज के बीच हुई पैसों की मांग या फैली गलतफहमी? युवक की मौत के बाद निजी अस्पताल में फूटा गुस्सा, सड़क पर मचा बवाल

31 Jul 2026

राजधानी लखनऊ के मड़ियांव इलाके में एक निजी अस्पताल उस समय विवादों के केंद्र में आ गया, जब सड़क हादसे में घायल एक 22 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज के नाम पर लाखों रुपये वसूलने और लगातार अतिरिक्त रकम मांगने का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि सड़क जाम करने की कोशिश हुई और अस्पताल परिसर के बाहर तनावपूर्ण माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।

मृतक की पहचान 22 वर्षीय शिवा जी पांडे के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार शिवा सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसके बाद उसे इलाज के लिए मड़ियांव स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने इलाज शुरू करने से पहले करीब 5 लाख रुपये जमा कराने को कहा और इलाज के दौरान भी लगातार अतिरिक्त रकम की मांग की जाती रही। उनका कहना है कि इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बावजूद युवक की जान नहीं बच सकी और अस्पताल ने बाद में उसे मृत घोषित कर दिया।

दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। अस्पताल के प्रबंधक का कहना है कि 5 लाख रुपये वसूलने का दावा पूरी तरह गलत है।

अस्पताल के अनुसार मरीज के इलाज पर कुल खर्च लगभग 36 हजार रुपये ही हुआ। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि युवक का एक हाथ गंभीर रूप से संक्रमित हो चुका था और उसमें गैंग्रीन विकसित हो गई थी। इलाज के दौरान संक्रमण शरीर के अन्य हिस्सों में फैल गया, जिसके कारण उसे हार्ट अरेस्ट आया।

डॉक्टरों का कहना है कि युवक को बचाने के लिए कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) सहित सभी आवश्यक चिकित्सीय प्रयास किए गए, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल के बाहर एकत्र हो गए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क जाम करने की कोशिश की। इस दौरान अस्पताल कर्मचारियों और कुछ लोगों के बीच धक्का-मुक्की होने की भी सूचना है। स्थिति बिगड़ने पर मड़ियांव और जानकीपुरम थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझाकर सड़क से हटाया और यातायात को सामान्य कराया।

मड़ियांव थाना प्रभारी शिवानंद मिश्रा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और स्थिति फिलहाल पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि परिजनों और अस्पताल प्रबंधन की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल मामले में परिजनों और अस्पताल प्रबंधन के दावे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। एक ओर परिजन इलाज के नाम पर लाखों रुपये वसूलने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं अस्पताल का कहना है कि उपचार पर सीमित खर्च हुआ और मरीज की मौत गंभीर संक्रमण एवं हार्ट अरेस्ट के कारण हुई। अब पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर सामने आएगी।