रक्षाबंधन से पहले मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने लखनऊ में अभियान तेज किया है। मलिहाबाद, नादरगंज और कठौली में दो दिन तक चली कार्रवाई में विभागीय टीमों ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के 26 नमूने लिए। इन सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
कार्रवाई के दौरान करीब 4.62 लाख रुपये मूल्य की खाद्य सामग्री जब्त की गई। इसके अलावा खराब मिली मिठाइयों और दूषित खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया। विभाग के मुताबिक, प्रयोगशाला जांच में गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मलिहाबाद तहसील के रहीमाबाद चौराहे स्थित रमेश तिवारी की मिठाई की दुकान का निरीक्षण किया। यहां टीम को करीब 10 क्विंटल अलग-अलग प्रकार की मिठाइयां मिलीं।
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मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर जांच के लिए विभाग ने काला जाम, बेसन लड्डू, बरफी, वर्क लगी बरफी, रसगुल्ला, गोंद के लड्डू और अनरसा के नमूने लिए। इन नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है।
निरीक्षण के दौरान करीब 50 किलोग्राम मिल्क केक और बरफी खराब अवस्था में मिली। इन्हें बिक्री के लिए अनुपयुक्त पाए जाने के बाद खाद्य कारोबारी ने मौके पर ही नष्ट कराया।
खाद्य सुरक्षा टीम ने नादरगंज स्थित श्याम उद्योग का भी निरीक्षण किया। यहां निर्माण और भंडारण परिसर में रखी खाद्य सामग्री की जांच की गई। विभाग ने मिल्क केक, कलाकंद, डोडा बरफी, देसी घी, रिफाइंड सोयाबीन तेल, एसएमपी, सिट्रिक एसिड, वनस्पति और काजू बरफी समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने लिए।
संदेह के आधार पर परिसर में रखी करीब 4.62 लाख रुपये की खाद्य सामग्री को जब्त किया गया। इसके अलावा करीब 50 किलोग्राम मिल्क केक और मूंगफली दाने खराब पाए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कराया गया। अभियान के दौरान कठौली में भी खाद्य सामग्री की जांच की गई। यहां करीब 500 लीटर दूषित चीनी का घोल और करीब एक क्विंटल मिठाई को मौके पर नष्ट कराया गया।
इस कार्रवाई में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच के साथ-साथ तैयार मिठाई और निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पदार्थों की स्थिति भी देखी गई। रक्षाबंधन से पहले मिठाइयों की मांग बढ़ने के कारण खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस अभियान में सिर्फ बिक्री वाली दुकानों तक जांच सीमित नहीं रखी। विभागीय टीमों ने मिठाई बनाने वाली इकाइयों और वहां रखे कच्चे माल तथा भंडारित खाद्य सामग्री का भी निरीक्षण किया।
नादरगंज की निर्माण इकाई में मिठाइयों के साथ देसी घी, रिफाइंड सोयाबीन तेल, एसएमपी, सिट्रिक एसिड और वनस्पति जैसी सामग्री के नमूने लिए गए। इससे जांच का दायरा तैयार मिठाइयों के साथ उनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पदार्थों तक भी रहा।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने इससे पहले काकोरी के हरदोइया लालनगर में भी एक अलग कार्रवाई की थी। वहां विभागीय टीम को मिठाई निर्माण स्थल पर स्वच्छता संबंधी खामियां मिली थीं। निरीक्षण के दौरान मिठाइयां गंदे माहौल में और भैंसों के तबेले के पास रखी मिली थीं। यह कार्रवाई वर्तमान मलिहाबाद, नादरगंज और कठौली अभियान से अलग थी।
दो दिन की कार्रवाई में लिए गए 26 नमूने अब प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। इनमें अलग-अलग प्रकार की मिठाइयों के साथ घी, तेल और मिठाई निर्माण में इस्तेमाल होने वाली अन्य खाद्य सामग्री शामिल है। मौजूदा कार्रवाई में खराब पाई गई खाद्य सामग्री को मौके पर नष्ट कराया गया है, जबकि नमूनों के संबंध में अंतिम स्थिति प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
विभागीय प्रक्रिया के अनुसार, यदि किसी नमूने में मिलावट, घटिया गुणवत्ता या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान लिए गए नमूनों में काला जाम, बेसन लड्डू, बरफी, वर्क लगी बरफी, रसगुल्ला, गोंद के लड्डू, अनरसा, मिल्क केक, कलाकंद, डोडा बरफी, काजू बरफी, देसी घी, रिफाइंड सोयाबीन तेल और अन्य खाद्य सामग्री शामिल हैं। इसमें मिठाइयों के अलावा उन सामग्रियों को भी जांच में शामिल किया गया जो निर्माण प्रक्रिया में इस्तेमाल की जाती हैं।
त्योहार से पहले खाद्य विभाग की कार्रवाई के बीच उपभोक्ताओं को मिठाई खरीदते समय सामान्य सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बहुत लंबे समय से रखी मिठाई, असामान्य गंध या स्वाद वाली मिठाई और संदिग्ध रंग वाली मिठाई से बचने को कहा गया है। पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकेजिंग, निर्माण की तारीख और उपयोग की अंतिम तारीख की जांच की जा सकती है।