लखनऊ। राजधानी में बारिश का दौर थमने के बाद भी सड़कों पर लोगों की मुश्किल पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। शहर के अलग-अलग हिस्सों से सड़क टूटने, गड्ढे बनने, सड़क धंसने और जलभराव की तस्वीर सामने आई है। कई जगह पानी उतरने के बाद सड़क की क्षतिग्रस्त सतह और गड्ढे साफ दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ स्थानों पर पानी भरे होने के कारण गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो रहा है।
राजधानी के गोमतीनगर और गोमतीनगर विस्तार से लेकर चिनहट, विभूतिखंड, गुडंबा और जानकीपुरम तक अलग-अलग समय पर सड़क खराब होने और जलभराव की शिकायतें सामने आई हैं। हालिया रिपोर्टों में कई स्थानों पर सड़क धंसने की घटनाएं भी दर्ज की गई हैं।
मानसून के दौरान लखनऊ में सड़क क्षति का दायरा काफी बड़ा रहा है। सितंबर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, बारिश से पीडब्ल्यूडी के करीब 350 किलोमीटर सड़क मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त हुए हैं। विभाग ने प्रमुख सड़कों को प्राथमिकता देते हुए पैचवर्क और मरम्मत का काम शुरू करने की जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार शहीद पथ की सर्विस लेन के कई हिस्सों में सड़क उखड़ी थी। गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर-ए में करीब डेढ़ किलोमीटर क्षतिग्रस्त सड़क पर नई तारकोल की परत बिछाने का काम भी किया गया। निशातगंज पुल पर बने गड्ढे की मरम्मत और अन्य स्थानों पर पैचवर्क की कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया है। इससे स्पष्ट है कि समस्या केवल किसी एक मोहल्ले या एक सड़क तक सीमित नहीं है। अलग-अलग विभागों के अधीन आने वाली सड़कों पर क्षति की स्थिति अलग-अलग है और कई जगह मरम्मत का काम भी चल रहा है।
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राजधानी के प्रमुख और तेजी से विकसित हुए इलाकों में शामिल गोमतीनगर में भी बारिश के बाद सड़क संबंधी समस्याएं सामने आई हैं। हालिया रिपोर्ट में गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर-6 में सीवर लाइन के पास बड़ा गड्ढा बनने की जानकारी दी गई। बारिश का पानी जमा होने के कारण सड़क पर बने क्षतिग्रस्त हिस्से को पहचानना मुश्किल था। रिपोर्ट के अनुसार, मौके पर एक ई-रिक्शा पलट गया और दोपहिया वाहन चालकों को भी वहां से निकलने में परेशानी हुई। गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर-4 में भी सड़क के धंसने के संकेत पहले से दिखाई देने की बात स्थानीय निवासी ने बताई। वहीं, गोमतीनगर के विकल्प खंड में भी बारिश के बाद सड़क और कीचड़ की समस्या दर्ज की गई। गोमतीनगर के जनेश्वर मिश्र पार्क गेट नंबर-6 की ओर से जी-20 रोड जाने वाले अंडरपास के पास भी जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित हुआ। पानी जमा होने के बाद मार्ग को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा और यातायात को नियंत्रित किया गया।
शहीद पथ की सर्विस लेन भी प्रभावित
बारिश के दौरान शहीद पथ की सर्विस लेन के कई हिस्सों में सड़क उखड़ने की रिपोर्ट सामने आई। पीडब्ल्यूडी की ओर से करीब 80 फीसदी प्रभावित हिस्सों पर पैचवर्क कराए जाने की जानकारी दी गई थी। जहां सड़क लंबी दूरी तक खराब हुई, वहां नए सिरे से सड़क बनाने का काम किया गया।
विभूतिखंड राजधानी के महत्वपूर्ण कारोबारी क्षेत्रों में शामिल है। यहां भी बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित होने की रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार विभूतिखंड में कई सड़कों पर टखनों तक पानी जमा हुआ। इससे वाहनों और पैदल चलने वालों दोनों की आवाजाही प्रभावित हुई। आरएमएल अस्पताल के आसपास भी बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने की तस्वीरें सामने आई थीं। विभूतिखंड में सड़क और जलनिकासी की समस्या इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि इस इलाके में कार्यालय, अस्पताल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और प्रमुख यातायात मार्ग हैं। बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से सामान्य आवाजाही प्रभावित होती है।
चिनहट में हाल के दिनों में सड़क धंसने की कई घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं। रोलेक्स अपार्टमेंट के सामने सीवर मैनहोल के पास सड़क धंसने से करीब 10 फीट चौड़ा और 5 फीट गहरा गड्ढा बनने की जानकारी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, सड़क धंसने की वजह सीवर लाइन के पास सीपेज बताई गई। मौके पर ट्रैफिक पुलिस ने गड्ढे को घेरने की कार्रवाई की थी। चिनहट में कमता के पास और हनुमान मार्केट चौराहे के आसपास भी सड़क धंसने की घटनाएं दर्ज की गईं। एक अन्य स्थान पर भूमिगत नाले का चैंबर भी धंसने की जानकारी रिपोर्ट में दी गई। सितंबर की एक अन्य रिपोर्ट में आईटी चौराहे और चिनहट में सड़क धंसने की घटनाओं का उल्लेख किया गया। आईटी चौराहे के पास मेट्रो पुल के नीचे बने बड़े गड्ढे में एक बाइक सवार गिरकर घायल हुआ था।
चिनहट के कई मार्गों पर पैचवर्क की योजना
लखनऊ नगर निगम की हालिया पैचवर्क संबंधी निविदाओं में चिनहट क्षेत्र की कई सड़कों को शामिल किया गया है। इनमें विजयंत खंड, विभव खंड और विनय खंड की कुछ सड़कें तथा चिनहट प्रथम वार्ड की प्रमुख सड़कें शामिल हैं। इससे यह भी सामने आता है कि क्षेत्र में सड़क मरम्मत की जरूरत को लेकर नगर निगम स्तर पर काम प्रस्तावित है।
गुडंबा और जानकीपुरम क्षेत्र में भी बारिश के बाद सड़क की स्थिति को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। जानकीपुरम की 60 फीट रोड पर पायनियर इंटर कॉलेज के मुख्य गेट के पास सितंबर में सड़क पर गड्ढा बनने की सूचना सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों ने खतरे को देखते हुए गड्ढे में पेड़ की टहनियां लगाई थीं और इसकी सूचना पार्षद तथा जलकल विभाग के अधिकारियों को दी गई थी। वहीं, जानकीपुरम विस्तार की 17 सड़कों पर गड्ढे बढ़ने की जानकारी भी बारिश के बाद प्रकाशित रिपोर्ट में दी गई। इसके चलते स्थानीय आवाजाही प्रभावित होने की बात सामने आई।
अगस्त में भारी बारिश के दौरान जानकीपुरम में जलभराव की समस्या भी सामने आई थी। नगर आयुक्त गौरव कुमार के अनुसार, कुछ स्थानों पर बिजली से जुड़ी समस्या के कारण पंपिंग प्रभावित हुई थी और जनरेटर से पंप चलाकर पानी निकालने की कार्रवाई शुरू की गई थी।
लखनऊ के उत्तरी हिस्से में फैजुल्लागंज और सीतापुर रोड से जुड़े इलाकों में भी बारिश के बाद सड़क पर गड्ढे और पानी जमा होने की शिकायतें दर्ज हुई हैं। एक रिपोर्ट में फैजुल्लागंज और मिन्नत नगर में बड़े गड्ढों के साथ पानी जमा होने की जानकारी दी गई। सीतापुर रोड के पास भी सड़क पर गड्ढे की स्थिति सामने आई, जहां पानी भर जाने के कारण उसे पहचानना मुश्किल हो गया था। बारिश के दौरान सड़क पर जमा पानी और पहले से क्षतिग्रस्त सतह एक साथ होने पर वाहन चालकों के लिए सड़क की वास्तविक स्थिति समझना कठिन हो सकता है। यही वजह है कि कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने गड्ढों को चिन्हित करने के लिए अस्थायी उपाय किए।
लखनऊ के अन्य घनी आबादी वाले इलाकों में भी बारिश के बाद सड़क और जलभराव की समस्याएं सामने आईं। अलिगंज में पुरनिया चौराहे के पास बारिश के बाद कई बड़े गड्ढे बनने की रिपोर्ट सामने आई। इंदिरानगर और भूतनाथ क्षेत्र में भी जलभराव की समस्या दर्ज की गई। इंदिरानगर के कुछ हिस्सों, कापूर्थला और भूतनाथ बाजार को भी उन स्थानों में शामिल किया गया है जहां बारिश के दौरान जलभराव या सड़क संबंधी परेशानी रिपोर्ट हुई। इसका असर केवल मुख्य मार्गों तक सीमित नहीं रहा। कई आंतरिक सड़कें भी बारिश के बाद कीचड़, पानी और टूटे हिस्सों के कारण प्रभावित हुईं।
लखनऊ में सड़क धंसने की घटनाएं केवल नए विकसित इलाकों तक सीमित नहीं हैं। अमीनाबाद में सीवर लाइन के पास सड़क का एक हिस्सा धंसने की घटना रिपोर्ट हुई। इसी तरह निशातगंज में यू-टर्न वाले मोड़ पर सड़क टूटने से करीब पांच मीटर लंबा गड्ढा बनने की जानकारी सामने आई। आईटी कॉलेज चौराहे के पास सड़क धंसने की घटना में एक बाइक सवार घायल हुआ था। नगर निगम के अनुसार, मेट्रो पिलर के पास से गुजर रही नाली से पानी के रिसाव को सड़क धंसने की वजह बताया गया था। प्रभावित हिस्से में बैरिकेडिंग कर मरम्मत का काम शुरू किया गया।
लखनऊ में गड्ढों की समस्या को बारिश और जलभराव से अलग करके देखना मुश्किल है। कई जगह पानी जमा होने के बाद सड़क की सतह टूटने या पहले से बने गड्ढों के और गहरे होने की स्थिति सामने आई है। हालिया रिपोर्टों में गोमतीनगर विस्तार, जानकीपुरम विस्तार, अलिगंज, फैजुल्लागंज, इंदिरानगर, मालहौर, खरगापुर, एलडीए कॉलोनी और आशियाना समेत कई इलाकों में बारिश के बाद जलभराव दर्ज किया गया। लखनऊ नगर निगम के अधिकारियों ने कई संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया। इनमें ताज अंडरपास, गोमतीनगर पंपिंग स्टेशन, जनेश्वर मिश्र रेलवे अंडरपास और कठौता झील के पास का क्षेत्र शामिल था। इसके बाद जानकीपुरम पंपिंग स्टेशन और बंधा रोड पर भी निरीक्षण किया गया।
सड़कों की खराब स्थिति के बीच मरम्मत का काम भी जारी है। पीडब्ल्यूडी की ओर से प्रमुख सड़कों को प्राथमिकता देकर पैचवर्क शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं लखनऊ नगर निगम ने अलग-अलग जोन और वार्डों में गड्ढों की मरम्मत के लिए पैच रिपेयर कार्यों से संबंधित निविदाएं जारी की हैं। नगर निगम की एक हालिया निविदा में विष्णु खंड, विनीत खंड और चिनहट प्रथम वार्ड की प्रमुख सड़कों पर गड्ढा मरम्मत मशीन से पैचवर्क का प्रस्ताव शामिल है। दूसरी निविदा में खरगापुर, गोमतीनगर वार्ड, विश्वास खंड, विजयंत खंड, विभव खंड, विनय खंड और अन्य क्षेत्रों की आंतरिक सड़कों का पैचवर्क शामिल किया गया है। इससे संकेत मिलता है कि सड़क मरम्मत के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में काम प्रस्तावित या प्रक्रिया में है, हालांकि प्रत्येक सड़क की स्थिति और मरम्मत की समयसीमा अलग हो सकती है।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों को मोटरेबल बनाने और गड्ढा मरम्मत को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए हैं। सितंबर में हुई समीक्षा बैठक में 681 प्रमुख मार्गों की पहचान कर गड्ढा मरम्मत को प्राथमिकता देने की बात सामने आई। निर्देशों में शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और प्रमुख बाजारों की ओर जाने वाली सड़कों की मरम्मत पर भी जोर दिया गया। लखनऊ में इसका महत्व इसलिए भी है क्योंकि शहर के अलग-अलग हिस्सों में नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और अन्य एजेंसियों के अधीन सड़कें आती हैं। ऐसे में सड़क की मरम्मत के लिए संबंधित विभाग की पहचान और कार्रवाई दोनों महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
