लखनऊ के इटौंजा क्षेत्र में 22 वर्षीय आइसक्रीम पार्लर संचालक सचिन सिंह की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, इस वारदात को अंजाम देने वाला युवक का रिश्ते में मामा लगने वाला व्यक्ति निकला। आरोपी को शक था कि सचिन उसकी बहन के प्रति गलत नीयत रखता है। इसी संदेह के चलते उसने युवक को पार्टी के बहाने बुलाकर कथित रूप से उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल प्लास्टिक स्ट्रेप भी बरामद कर ली है।
घर से बुलाकर ले जाया गया था सचिन: पुलिस के अनुसार, इन्द्रपुरी कॉलोनी मड़ियांव निवासी राम शंकर सिंह ने इटौंजा थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनके पुत्र सचिन सिंह को घर से बुलाकर ले जाया गया था, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी उत्तरी के निर्देशन में स्वाट, सर्विलांस और इटौंजा पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की।
महोना नहर पुलिया के पास से हुई गिरफ्तारी: जांच के दौरान पुलिस ने बुधवार को 26 वर्षीय बृजेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ ब्रजेश सिंह को महोना नहर पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अकबरपुर, इटौंजा का निवासी है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की और हत्या के पीछे की वजह भी बताई।
आरोपी को था बहन को लेकर शक: पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया कि सचिन उसका रिश्ते में भांजा लगता था और दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से पारिवारिक संबंध थे। आरोपी को संदेह था कि सचिन उसकी बहन के प्रति गलत नीयत रखता है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह इस विषय को लेकर पहले भी सचिन को कई बार समझा चुका था, लेकिन उसे लगा कि उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया।
पार्टी के बहाने गांव बुलाया: पुलिस के अनुसार, आरोपी ने मंगलवार को सचिन को पार्टी के बहाने गांव अकबरपुर बुलाया। वहां पहले उसे शराब पिलाई गई। जब वह नशे की हालत में पहुंच गया तो आरोपी ने गांव की बोरिंग के पास पड़ी प्लास्टिक स्ट्रेप से उसका गला कस दिया। पुलिस का कहना है कि गला कसने से सचिन की मौके पर ही मौत हो गई।
पहचान छिपाने के लिए केले के खेत में फेंका शव: जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद आरोपी ने शव को पास स्थित केले के खेत में फेंक दिया था ताकि पहचान और घटना से जुड़े सबूत छिपाए जा सकें। बाद में पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त प्लास्टिक स्ट्रेप बरामद कर ली, जिसे पुलिस ने आलाकत्ल के रूप में जब्त किया है।
डीसीपी उत्तरी कृष्णा गोपाल चौधरी
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले के खुलासे में सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कॉल डिटेल, स्थानीय इनपुट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही। डीसीपी उत्तरी गोपाल चौधरी ने बताया कि पुलिस टीम ने मामले की जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।