लखनऊ में अंतरजनपदीय वाहन चोर गैंग का भंडाफोड़, सरगना समेत 3 गिरफ्तार

17 Sep 2026

लखनऊ के सरोजनीनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अंतरजनपदीय मोटरसाइकिल चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का सरगना भी शामिल है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की आठ मोटरसाइकिलें और कई फर्जी नंबर प्लेट बरामद की गई हैं। बरामद वाहनों की अनुमानित कीमत करीब सात लाख रुपये बताई गई है।

पुलिस के अनुसार, वाहन चोरी की घटनाओं की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया गया था। जांच के दौरान 120 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इसके अलावा तकनीकी साक्ष्यों और मैनुअल इनपुट की मदद से पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंची।

सरोजनीनगर पुलिस ने वाहन चोरी के मामले में योगेंद्र कुमार उर्फ विक्की, शिवम कुमार और बासुदेव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी मूल रूप से उन्नाव जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से आठ मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इनमें कुछ मोटरसाइकिलें बिना नंबर प्लेट के मिलीं, जबकि कुछ पर कूटरचित नंबर प्लेट लगी हुई थी। पुलिस ने बरामद वाहनों और नंबर प्लेट को जांच का हिस्सा बनाया है।

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वाहन चोरी की घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर लगे 120 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों और मैनुअल इनपुट के आधार पर संदिग्धों की गतिविधियों को जोड़ने का प्रयास किया गया। पुलिस के मुताबिक, इसी जांच प्रक्रिया के आधार पर चार टीमों ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अलग-अलग इलाकों में घूमकर मोटरसाइकिल चोरी करने का मौका तलाशते थे। मौका मिलने पर बाइक चोरी करने के बाद उसकी नंबर प्लेट बदल दी जाती थी या नंबर प्लेट हटा दी जाती थी। पुलिस के मुताबिक, चोरी की गई मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल आगे दूसरी जगहों से वाहन चोरी करने के लिए भी किया जाता था। आरोपियों द्वारा चोरी किए गए वाहनों को अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, जब चोरी की मोटरसाइकिलों की संख्या बढ़ जाती थी, तब उन्हें बेचने की तैयारी की जाती थी।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने 11 सितंबर को गौरी बाजार और 14 सितंबर को स्कूटर इंडिया चौराहे से मोटरसाइकिल चोरी करने की बात बताई है। इन घटनाओं से संबंधित जानकारी को पुलिस ने जांच में शामिल किया है। बरामद मोटरसाइकिलों और आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

पुलिस की कार्रवाई में कुल आठ मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद वाहनों में कुछ बिना नंबर प्लेट के हैं और कुछ पर कूटरचित नंबर प्लेट लगी हुई मिली हैं। बरामद मोटरसाइकिलों की अनुमानित कीमत करीब सात लाख रुपये बताई गई है। पुलिस अब बरामद वाहनों से संबंधित जानकारी और उनके मूल स्वामित्व की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों का तरीका यह था कि वे पहले अलग-अलग इलाकों में घूमकर ऐसी मोटरसाइकिलों की तलाश करते थे जिन्हें चोरी किया जा सके। वाहन चोरी करने के बाद नंबर प्लेट हटाने या बदलने का काम किया जाता था। इसके बाद चोरी की मोटरसाइकिलों को अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखा जाता था। पुलिस के अनुसार, इन्हीं वाहनों का इस्तेमाल आगे वाहन चोरी की घटनाओं में भी किया जाता था। पर्याप्त संख्या में वाहन एकत्र होने के बाद उन्हें बेचने की तैयारी की जाती थी। पुलिस की पूछताछ में सामने आई इन जानकारियों को बरामद मोटरसाइकिलों और फर्जी नंबर प्लेट की बरामदगी से जोड़कर जांच की जा रही है।

सरोजनीनगर क्षेत्र में वाहन चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस ने चार टीमों को जांच में लगाया था। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मैनुअल इनपुट को आधार बनाया गया। 120 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद पुलिस टीम ने संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई। इसके बाद आरोपियों तक पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। मामले में बरामद आठ मोटरसाइकिलों, कूटरचित नंबर प्लेट और आरोपियों से पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।