लखनऊ। सरोजनीनगर की जयराजपुरी कॉलोनी में रविवार सुबह 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसी 35 वर्षीय महिला मीरा की मौत हो गई। उन्होंने रविवार शाम करीब 5:30 बजे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
जानकारी के मुताबिक, जयराजपुरी कॉलोनी निवासी मीरा रविवार सुबह करीब 9 बजे मकान की दूसरी मंजिल की छत पर कपड़े सुखाने गई थीं। इसी दौरान हवा के झोंके से उनका दुपट्टा पास से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की जद में आ गया। करंट लगने के बाद महिला छज्जे पर गिर पड़ीं और उनका पैर बिजली के तार के संपर्क में आ गया। स्थानीय लोगों के अनुसार वह करीब पांच मिनट तक तार के संपर्क में रहीं। बिजली आपूर्ति बंद कराने के बाद उन्हें तार से अलग किया जा सका।
घटना के बाद महिला को पहले सरोजनीनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल रेफर कर दिया। उन्होंने रविवार शाम करीब 5:30 बजे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
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प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार तार के संपर्क में आने के बाद मीरा गंभीर रूप से झुलसने लगीं। उनके शरीर से धुआं उठता देख आसपास के लोगों का ध्यान घटना की ओर गया। चीख-पुकार सुनने के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। इस दौरान घर के अंदर सो रहे उनके पति संदीप की भी नींद खुली। बाहर आने पर उन्होंने पत्नी को तार की चपेट में देखा। स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने खुद बिजली का कनेक्शन हटाने की कोशिश करने के बजाय संबंधित पावर हाउस से संपर्क किया और विद्युत आपूर्ति बंद कराने की मांग की। करीब पांच मिनट बाद बिजली की आपूर्ति बंद हुई। इसके बाद महिला को तार से अलग कर नीचे उतारा जा सका। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल उपचार के लिए भेजा गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद सरोजनीनगर इंस्पेक्टर देवराज प्रजापति भी मौके पर पहुंचे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस अधिकारी ने स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से झुलसी महिला को नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। महिला को एंबुलेंस के जरिए सरोजनीनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आगे के उपचार के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। शाम करीब 5:30 बजे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद जयराजपुरी कॉलोनी के स्थानीय निवासियों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घनी आबादी वाले क्षेत्र में मकानों के बेहद करीब से हाईटेंशन तार गुजर रहे हैं और इस संबंध में पहले भी शिकायतें की गई थीं। निवासियों का दावा है कि बिजली के तारों और उनसे जुड़े खतरे को लेकर शिकायतें दिए जाने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं हुआ। स्थानीय लोगों ने इसी व्यवस्था को हादसे की पृष्ठभूमि से जोड़ते हुए बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। यह आरोप स्थानीय निवासियों के हैं। उपलब्ध जानकारी में बिजली विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
घटना के दौरान महिला को तार से अलग कराने के लिए सबसे पहले विद्युत आपूर्ति बंद कराना जरूरी था। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पावर हाउस को सूचना दी। बिजली कटने के बाद ही महिला को सुरक्षित तरीके से तार से अलग किया जा सका। इस घटनाक्रम से यह भी स्पष्ट है कि हादसे के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने विद्युत आपूर्ति बाधित कराने के बाद ही महिला को नीचे उतारने की कार्रवाई की। महिला को बिना बिजली बंद किए सीधे तार से अलग करने का प्रयास नहीं किया गया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां मकान की दूसरी मंजिल के पास से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी। घटना इसी स्थान पर छत पर कपड़े सुखाने के दौरान हुई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रिहायशी इलाके में बिजली के हाईटेंशन तारों की मौजूदगी लंबे समय से चिंता का विषय रही है। उन्होंने संबंधित विभाग से तारों की स्थिति और मकानों के आसपास उनकी दूरी की समीक्षा करने की मांग की है।