राजधानी लखनऊ के सीतापुर हाईवे पर गुरुवार देर रात एक कार में आग लगने की घटना के बाद उसमें एक युवक का जला हुआ शव मिलने से मामला जांच का विषय बन गया है। घटना सरैया गांव के पास हाईवे किनारे हुई, जहां आग बुझाने के बाद पुलिस और दमकल कर्मियों ने कार की ड्राइविंग सीट से एक बुरी तरह झुलसा हुआ शव बरामद किया।
प्रारंभिक जांच में पुलिस हादसे और हत्या दोनों संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है।
पुलिस के अनुसार, गुरुवार रात करीब 11:30 बजे सीतापुर हाईवे पर एक कार में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के बाद जब कार का दरवाजा खोला गया तो चालक की सीट पर एक जला हुआ शव मिला। शव इतनी बुरी तरह झुलस चुका था कि उसकी तत्काल पहचान संभव नहीं हो सकी। कार का अधिकांश हिस्सा आग की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो चुका था।
जांच के दौरान वाहन का पंजीकरण विवरण निकाला गया, जिसमें कार खुर्मनगर निवासी अलमाश के नाम पर दर्ज मिली। इसके बाद पुलिस ने वाहन स्वामी से संपर्क कर परिजनों को सूचना दी। अब जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि घटना के समय कार कौन चला रहा था और वाहन में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद था या नहीं।
घटना जिस स्थान पर हुई, वहां आसपास काफी दूरी तक कोई आबादी नहीं है। हाईवे किनारे खड़ी जली हुई कार और उसमें मिला शव पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर रहा है।
इसी कारण पुलिस दुर्घटना और संभावित आपराधिक घटना, दोनों पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
पुलिस के अनुसार, कार के भीतर मिला शव बुरी तरह झुलसा हुआ था। वाहन के शीशे भी क्षतिग्रस्त मिले। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने कार और घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया।
घटनास्थल से विभिन्न नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
घटना की सूचना मिलने के बाद फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञों ने वाहन के भीतर और आसपास मौजूद साक्ष्यों का परीक्षण किया। जले हुए वाहन के अवशेष, अन्य सामग्री और आवश्यक नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट जांच का महत्वपूर्ण आधार बनेगी।
एसपी ग्रामीण विकास कुमार पांडेय के निर्देश पर पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू कर दी है। साथ ही पास स्थित धर्मकांटे के कर्मचारियों तथा घटना की सूचना देने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो भी जांच के दायरे में शामिल किए गए हैं।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता शव की पहचान सुनिश्चित करना है। अधिकारियों के अनुसार, मृतक की पहचान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों के बारे में स्पष्ट स्थिति सामने आ सकेगी। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।