बारिश में भी सड़क से नहीं हटे बच्चे, बोले- शिक्षक नहीं तो पढ़ाई कैसे होगी?

17 Aug 2026

लखनऊ के दुबग्गा इलाके में सोमवार को जयप्रकाश सर्वोदय नारायण विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों की कमी को लेकर सड़क पर प्रदर्शन किया। छात्र-छात्राओं का कहना था कि विद्यालय में पर्याप्त संख्या में शिक्षक नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उनका आरोप था कि समस्या को पहले भी उठाया गया, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं होने के कारण उन्हें प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा।

दुबग्गा चौराहे के पास छात्र-छात्राओं ने धरना शुरू किया। उस समय बारिश हो रही थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी काफी देर तक सड़क पर बैठे रहे। कई छात्र-छात्राएं बारिश में भीगते दिखाई दिए। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्राएं भावुक भी हुईं और विद्यालय में पढ़ाई के लिए पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग दोहराई।

प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राओं ने अपनी समस्या को पढ़ाई से सीधे जोड़ते हुए पर्याप्त शिक्षकों की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि वे पढ़ना चाहते हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण उन्हें परेशानी हो रही है। छात्रों ने प्रशासन से विद्यालय की स्थिति का संज्ञान लेने और शिक्षकों की संख्या बढ़ाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनकी प्राथमिक मांग पढ़ाई से जुड़ी है और वे चाहते हैं कि विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था बेहतर हो। बारिश के कारण परिस्थितियां कठिन होने के बावजूद छात्रों ने धरना जारी रखा। इससे यह प्रदर्शन कुछ समय तक दुबग्गा चौराहे पर यातायात व्यवस्था का भी प्रमुख मुद्दा बन गया।

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प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं ने लखनऊ जिलाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग रखी। उनका कहना था कि अधिकारी स्वयं आकर उनकी समस्या सुनें और समाधान के लिए कार्रवाई का आश्वासन दें। अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग के चलते छात्र तत्काल धरना समाप्त करने के लिए तैयार नहीं हुए। इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती गई और चौराहे के आसपास यातायात का दबाव बढ़ गया।

छात्रों के सड़क पर बैठने से दुबग्गा-कानपुर बाईपास पर यातायात प्रभावित हुआ। उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब डेढ़ से दो घंटे तक चौराहे के आसपास आवागमन बाधित रहा। प्रदर्शन के कारण चौराहे के चारों तरफ वाहनों की कतार लग गई। दोनों दिशाओं में वाहनों की रफ्तार प्रभावित होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यातायात सामान्य कराने और प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस टीमों को मौके पर लगाया गया। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उन्हें सड़क से हटने के लिए समझाने की कोशिश की।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दुबग्गा, काकोरी, ठाकुरगंज और पारा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से बातचीत की और उनकी मांगों को सुना। हालांकि शुरुआती बातचीत के दौरान छात्र अपनी मांगों पर कायम रहे। वे शिक्षकों की कमी के मुद्दे पर स्पष्ट कार्रवाई का भरोसा चाहते थे और इसी कारण तत्काल धरना समाप्त करने के लिए तैयार नहीं हुए। पुलिस की मौजूदगी के बीच अधिकारियों ने छात्रों से संवाद जारी रखा, ताकि प्रदर्शन समाप्त हो और यातायात बहाल किया जा सके।

शिक्षकों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर छात्रों के प्रदर्शन का यह पहला मामला नहीं था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले भी छात्र-छात्राओं ने मोहन रोड-बुद्धेश्वर क्षेत्र में प्रदर्शन किया था। छात्रों का आरोप था कि पहले उठाए गए मुद्दे का समाधान नहीं होने के कारण उन्हें दोबारा सड़क पर उतरना पड़ा। इस बार प्रदर्शन के लिए दुबग्गा-कानपुर बाईपास का क्षेत्र चुना गया, जहां छात्रों के धरने से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। यह घटनाक्रम विद्यालय में शिक्षकों की उपलब्धता को लेकर छात्रों की लगातार उठाई जा रही मांग से जुड़ा है।

काफी देर तक बातचीत चलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की ओर से छात्र-छात्राओं को उनकी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी से जुड़े मामले को संबंधित स्तर पर उठाकर समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन मिलने के बाद छात्रों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद सड़क से प्रदर्शनकारी हटे और यातायात व्यवस्था को दोबारा सामान्य किया जा सका।

प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं की मुख्य मांग विद्यालय में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की उपलब्धता को लेकर थी। छात्रों का कहना था कि शिक्षकों की कमी से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और इसे दूर किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से केवल आश्वासन ही नहीं, बल्कि शिक्षकों की समस्या का समाधान कराने की मांग रखी। इसी वजह से उन्होंने अधिकारियों को मौके पर बुलाने पर जोर दिया।