'कैंसर से जंग, अब जमीन बचाने की लड़ाई'... लखनऊ में सैकड़ों महिलाओं ने क्यों घेरा थाना?

11 Jul 2026

राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाने में सोमवार को उस समय बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंच गईं, जब एक कैंसर पीड़ित महिला के समर्थन में प्रदर्शन शुरू हुआ। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने थाने का घेराव करते हुए आरोप लगाया कि पीड़िता की शिकायत के बावजूद पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है। महिलाओं ने हाथों में पोस्टर लेकर नारेबाजी की और पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान थाने के बाहर काफी देर तक विरोध जारी रहा।

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं का आरोप है कि कैंसर पीड़ित दलित महिला की कीमती जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति से जुड़े कुछ लोगों का नाम सामने आ रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पीड़िता ने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन उसकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। महिलाओं का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से उन्हें थाने का घेराव करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस प्रभावशाली लोगों के दबाव में कार्रवाई करने से बच रही है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

थाने के बाहर पहुंचीं महिलाओं ने हाथों में पोस्टर लेकर विरोध दर्ज कराया और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो आगे भी आंदोलन जारी रखा जाएगा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई।

प्रदर्शनकारी महिलाओं के अनुसार, विवाद सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में स्थित एक कीमती जमीन को लेकर है। उनका आरोप है कि कैंसर पीड़ित दलित महिला की जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। इसी मामले में पुलिस कार्रवाई न होने के विरोध में महिलाओं ने थाने का घेराव किया। वहीं, पुलिस की ओर से अभी तक मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

फिलहाल, प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।