राजधानी लखनऊ में आय से अधिक संपत्ति के मामले में परिवहन विभाग के अधिकारी ललित कुमार को विजिलेंस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई करीब छह वर्ष तक चली जांच पूरी होने के बाद की गई। विजिलेंस के अनुसार जांच के दौरान आय के स्रोत, चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की विस्तृत पड़ताल की गई।
इस मामले की शुरुआत करीब छह वर्ष पहले दर्ज शिकायत से हुई थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने अधिकारी की आय और संपत्ति का मिलान करते हुए विभिन्न स्तरों पर जांच शुरू की थी। जांच पूरी होने के बाद रविवार को गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान लखनऊ स्थित अधिकारी के आवास पर की गई छापेमारी में विजिलेंस ने बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती सामान मिलने का दावा किया था। विभाग के अनुसार तलाशी के दौरान करीब 1.62 करोड़ रुपये नकद, लगभग 13 किलोग्राम सोना, 9 किलोग्राम चांदी, हीरे के आभूषण, कई अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, बैंक निवेश और विभिन्न बैंक खातों के रिकॉर्ड बरामद किए गए।
विजिलेंस का कहना है कि जांच में सामने आई संपत्तियों का कुल अनुमानित मूल्य करीब 35 करोड़ रुपये आंका गया है। हालांकि अंतिम मूल्यांकन जांच और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार निर्धारित होगा।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार शिकायत मिलने के बाद अधिकारी की वैध आय, संपत्ति के स्रोत, बैंक लेनदेन, निवेश और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड का विस्तृत विश्लेषण किया गया। जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
यह मामला पिछले कई वर्षों से जांच के दायरे में था। विजिलेंस ने विभिन्न दस्तावेजों, वित्तीय अभिलेखों और संपत्तियों का सत्यापन करने के बाद अपनी जांच पूरी की। इसके बाद अधिकारी को गिरफ्तार किया गया।