लखनऊ में विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा और सेमेस्टर शुल्क में हाल ही में हुई वृद्धि के विरोध में छात्र संगठनों ने सोमवार को अनोखा प्रदर्शन किया। छात्रों ने हाथों में कटोरा लेकर परिसर में भीख मांगकर फीस बढ़ोतरी के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
छात्रों का कहना है कि फीस में की गई वृद्धि इतनी अधिक है कि सामान्य, गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना कठिन होता जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने इसे शिक्षा के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला कदम बताया।
छात्र संगठनों के अनुसार, शिक्षा किसी भी राष्ट्र की बुनियाद होती है, लेकिन इस तरह की शुल्क वृद्धि से शिक्षा का स्वरूप व्यवसायिक होता नजर आ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे सामाजिक न्याय के सिद्धांत प्रभावित हो सकते हैं और वंचित वर्ग के छात्रों के लिए अवसर सीमित हो सकते हैं। इस मुद्दे पर एनएसयूआई और समाजवादी छात्र सभा ने कड़ा विरोध जताया है। छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से शुल्क वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है।
छात्र संगठनों ने प्रशासन को 48 घंटे का समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो विश्वविद्यालय परिसर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया। कई घंटों तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद छात्रों ने महामहिम के नाम ज्ञापन एसीपी के माध्यम से सौंपा और धरना समाप्त कर दिया।