लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी स्थित लखनऊ विश्वविद्यालय ने प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अब पूरी तरह पेपरलेस वर्किंग की शुरुआत कर दी है। 31 जुलाई से विश्वविद्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू हो गई है, जिसके बाद सभी आधिकारिक फाइलों और प्रशासनिक कार्यों का संचालन डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। इसी दौरान आयोजित 69वें दीक्षांत समारोह में 1,25,239 विद्यार्थियों को डिजिटल डिग्रियां भी प्रदान की गईं, जिससे यह समारोह कई मायनों में खास बन गया।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने ई-ऑफिस प्रणाली का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर, कुलपति प्रो. जे.पी. सेनी, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी, विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने के बाद सभी प्रशासनिक कार्य डिजिटल माध्यम से होंगे। इससे फाइलों के निस्तारण की प्रक्रिया तेज होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और कागज की खपत में कमी आने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। यह पहल विश्वविद्यालय को डिजिटल प्रशासन की दिशा में आगे ले जाने वाली महत्वपूर्ण शुरुआत मानी जा रही है।
69वें दीक्षांत समारोह में कुल 1,25,239 विद्यार्थियों को डिजिटल डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 93,536 स्नातक, 31,006 परास्नातक, 419 डिप्लोमा तथा 30 ऑनलाइन शिक्षा कार्यक्रम के विद्यार्थी शामिल रहे। इसके अलावा 248 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि भी प्रदान की गई।
समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 111 मेधावियों को कुल 204 पदकों से सम्मानित किया गया। इनमें 80 छात्राएं और 31 छात्र शामिल रहे। पदक वितरण के आंकड़े एक बार फिर उच्च शिक्षा में छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन की ओर संकेत करते हैं।
कुलपति प्रो. जे.पी. सेनी ने बताया कि लखनऊ विश्वविद्यालय अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। वर्तमान में 44 देशों के विद्यार्थी यहां अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शोध, नवाचार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और आधुनिक शिक्षा प्रणाली को लगातार बढ़ावा दे रहा है।
नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिग्री केवल पढ़ाई का समापन नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वच्छ ऊर्जा, उभरती तकनीकों और आजीवन सीखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि बदलती दुनिया में वही युवा आगे बढ़ेंगे जो समय के साथ खुद को लगातार विकसित करेंगे।
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि कौशल, रोजगार, तकनीक और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना भी है।
ई-ऑफिस प्रणाली की शुरुआत और बड़े स्तर पर डिजिटल डिग्रियों के वितरण के साथ लखनऊ विश्वविद्यालय ने डिजिटल प्रशासन और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। विश्वविद्यालय का मानना है कि नई व्यवस्था से प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनेंगी, वहीं छात्रों को भी तकनीक आधारित सेवाओं का बेहतर लाभ मिलेगा।