उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन की पहुंच बढ़ाने के लिए परिवहन निगम ने लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में बस संचालन का दायरा बढ़ाने की तैयारी की है। राजधानी के बाहरी इलाकों और आसपास के जिलों में रहने वाले यात्रियों के लिए नए मार्गों को चिह्नित किया गया है। इस योजना में ग्रामीण क्षेत्रों को बस सेवा से जोड़ने के साथ प्रमुख शहरों के बीच यात्रा को सुविधाजनक बनाने पर भी ध्यान दिया गया है। परिवहन निगम मुख्यालय से प्रस्तावित मार्गों के सर्वे को मंजूरी मिल चुकी है। योजना के तहत लखनऊ क्षेत्र में 10 नई बसें शामिल की जाएंगी। इसके अलावा मथुरा में धार्मिक स्थलों और शहर के बाहरी मार्गों पर बस संचालन बढ़ाने की तैयारी है।
परिवहन निगम लखनऊ के आउटर क्षेत्रों और आसपास के जिलों में पांच नए रूटों पर बसें चलाने की योजना बना रहा है। इसके लिए मार्गों का सर्वे कराने की मंजूरी मिल गई है। प्रस्तावित रूटों में कैसरबाग और आलमबाग बस अड्डों से संचालित होने वाले मार्ग शामिल हैं। इनसे बहरू, नगराम, सुदौली, असरेंदा और नैमिषारण्य जैसे क्षेत्रों को जोड़ने की योजना है। निगम के अनुसार, लखनऊ क्षेत्र में 10 नई बसें शामिल की जाएंगी। नए मार्गों पर संचालन की तैयारी इसी योजना का हिस्सा है।
कैसरबाग बस अड्डे से चौक, बालागंज, ठाकुरगंज, दुर्गागंज, काकोरी, भलिया, बहरू और सेफलपुर होते हुए बस सेवा का प्रस्ताव है। इस मार्ग के जरिए लखनऊ के बाहरी इलाकों और आसपास के क्षेत्रों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इसके अतिरिक्त कैसरबाग से बीकेटी, चंद्रिका देवी, सैदापुर, माल, नेवादा, गोंडवा और भैनगांव होते हुए नैमिषारण्य के लिए बसें चलाने की तैयारी है। यह मार्ग धार्मिक स्थल नैमिषारण्य जाने वाले यात्रियों के लिए प्रस्तावित किया गया है।
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आलमबाग बस अड्डे से भी नए मार्गों पर बस संचालन की योजना बनाई गई है। प्रस्तावित मार्ग में बाराबिरवा चौराहा, तिकोना पारा, टोल और बहरू चौराहा शामिल हैं। इसके अलावा आलमबाग से मोहनलालगंज, निगोहा, नगराम लिंक मार्ग, सुदौली और असरेंदा को जोड़ने की योजना है। इन मार्गों के सर्वे को मंजूरी मिलने के बाद परिवहन निगम ने नए रूटों पर बस संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।
दी गई जानकारी के अनुसार, बंडा खेड़ा और बहरू की जिला मुख्यालय से दूरी लगभग 30 किलोमीटर है। इन क्षेत्रों को भी परिवहन निगम के नए रूटों में शामिल करने की योजना है। लखनऊ क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन ने बताया कि राजधानी से सटे कई मार्गों पर अभी बसों का संचालन नहीं हो रहा है। ऐसे मार्गों को चिह्नित करके सर्वे की मंजूरी ली गई है। नए रूटों पर बस सेवा शुरू करने की योजना इसी प्रक्रिया के तहत तैयार की जा रही है।
लखनऊ से प्रमुख शहरों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी परिवहन निगम ने योजना बनाई है। प्रस्ताव के अनुसार, लखनऊ से वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर के लिए नॉनस्टॉप बसें चलाई जाएंगी। इन सेवाओं के संचालन का उद्देश्य प्रमुख शहरों के बीच सीधा बस संपर्क उपलब्ध कराना है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन बसों के किराये, समय-सारणी और संचालन शुरू होने की निश्चित तारीख का उल्लेख नहीं किया गया है।
लखनऊ में नए रूटों के साथ मथुरा में भी सार्वजनिक परिवहन का दायरा बढ़ाने की तैयारी है। ठाकुर बांकेबिहारी की नगरी वृंदावन में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चार मार्गों पर 50 वातानुकूलित मिनी बसें संचालित करने की योजना है। इन बसों के जरिए श्रद्धालुओं को मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। योजना में ई-रिक्शा और ऑटो पर निर्भरता कम करने का उद्देश्य भी शामिल है।
वृंदावन में प्रस्तावित 50 वातानुकूलित मिनी बसों के अलावा 50 अन्य बसों को शहर के बाहर दूसरे जिलों के मार्गों पर संचालित करने की तैयारी है। इस प्रकार मथुरा में कुल 100 बसों के संचालन की योजना का उल्लेख किया गया है। इनमें 50 वातानुकूलित मिनी बसें वृंदावन के चार मार्गों पर और 50 बसें अन्य जिलों के रूटों पर चलाने का प्रस्ताव है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन बसों का संचालन करीब दो महीने बाद शुरू होने की योजना है।
लखनऊ क्षेत्र में प्रस्तावित नए मार्गों के जरिए उन बाहरी इलाकों को बस नेटवर्क से जोड़ने की योजना है, जहां अभी परिवहन निगम की बसें संचालित नहीं हो रही हैं। बहरू, नगराम, सुदौली और नैमिषारण्य जैसे क्षेत्रों के लिए प्रस्तावित सेवाएं स्थानीय आवागमन और प्रमुख स्थानों तक पहुंच से जुड़ी हैं। वहीं, लखनऊ से वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर के लिए नॉनस्टॉप बसों की योजना लंबी दूरी के यात्रियों से संबंधित है। मथुरा में प्रस्तावित मिनी बस सेवा धार्मिक स्थलों और शहर के बाहरी मार्गों पर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने से जुड़ी है।