6 साल तक दबी रही शिकायत... फिर खुला दौलत का साम्राज्य, परिवहन अधिकारी के घर विजिलेंस की रेड में करोड़ो की संपत्ति का खुलासा

08 Jul 2026

कभी-कभी किसी शिकायत का सच सामने आने में महीनों नहीं, बल्कि वर्षों लग जाते हैं। राजधानी लखनऊ में परिवहन विभाग के तत्कालीन सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ललित कुमार के घर विजिलेंस की कार्रवाई भी ऐसी ही कहानी लेकर सामने आई है। करीब छह साल पहले आय से अधिक संपत्ति की शिकायत से शुरू हुई जांच आखिरकार उस मुकाम पर पहुंची, जब विजिलेंस की टीम ने न्यायालय से तलाशी वारंट लेकर उनके आवास पर दस्तक दी। पूरे  दिन तक चली इस कार्रवाई के बाद जो तस्वीर सामने आई, उसने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया।

इस कार्रवाई की शुरुआत किसी अचानक मिले इनपुट से नहीं हुई थी। सूत्रों के अनुसार, अधिकारी के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिलने के बाद पहले एंटी करप्शन स्तर पर जांच शुरू हुई। बाद में प्रकरण विजिलेंस को स्थानांतरित किया गया। वित्तीय दस्तावेजों, संपत्तियों और आय के स्रोतों के लंबे सत्यापन के बाद शासन से अभियोजन की अनुमति मिली और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

विजिलेंस ने न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद 7 जुलाई को लखनऊ के अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी में अधिकारी के आवास पर छापेमारी की। टीम ने घर के कमरों, अलमारियों, लॉकरों, दस्तावेजों और अन्य स्थानों की बारीकी से जांच की। बरामद नकदी की गिनती, जेवरों का वजन, मूल्यांकन और दस्तावेजों का सत्यापन पूरा करने में घंटों लग गए।

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ललित कुमार 

तलाशी के दौरान लगभग 1 करोड़ 62 लाख रुपये नकद बरामद हुए। नकदी अलग-अलग पैकेटों में रखी हुई थी, जिसे सील कर जब्त किया गया। इसके अलावा बड़ी मात्रा में सोने, चांदी और हीरे के आभूषण भी मिले। विजिलेंस ने इनका मूल्यांकन सरकार से मान्यता

प्राप्त मूल्यांकक से कराया। जांच में लगभग 13 किलोग्राम सोने तथा करीब 9 किलोग्राम चांदी के आभूषण और बिस्किट बरामद होने की बात सामने आई। इनकी अनुमानित कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये आंकी गई है।

छापेमारी के दौरान केवल नकदी और जेवर ही नहीं मिले, बल्कि बड़ी संख्या में चल और अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए। जांच में लखनऊ के अलीगंज, महानगर, इंदिरानगर और वृंदावन योजना में कई आवासीय भवन और भूखंडों के दस्तावेज मिले। इसके अलावा गोण्डा और बाराबंकी में कृषि भूमि से जुड़े अभिलेख भी बरामद हुए।

विजिलेंस की जांच यहीं नहीं रुकी। तलाशी के दौरान दो चारपहिया वाहन, विभिन्न बैंकों के खाते, पोस्ट ऑफिस निवेश, म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य वित्तीय निवेश से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए।

प्रारंभिक जांच में इन चल संपत्तियों और निवेश का मूल्य एक करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। इसके अलावा मकान के निर्माण, साज-सज्जा और घरेलू खर्च से जुड़े दस्तावेज भी जांच एजेंसी ने अपने कब्जे में लिए हैं।  तलाशी के दौरान बरामद नकदी, सोना-चांदी, हीरे के आभूषण, अचल संपत्तियां, वाहन, घरेलू सामान और विभिन्न निवेशों का कुल अनुमानित मूल्य लगभग 35 करोड़ रुपये आंका गया है।

विजिलेंस ने ललित कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी) के तहत आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी का कहना है कि अब बरामद दस्तावेजों, बैंक लेनदेन, निवेश और संपत्तियों का विस्तृत मिलान किया जाएगा।

शिकायत से छापे तक... छह साल की पूरी टाइमलाइन: