पत्नी की तलाश का नाटक करता रहा पति, मोबाइल लोकेशन ने उजागर कर दी हत्या की पूरी कहानी

02 Aug 2026

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के रहीमाबाद क्षेत्र में एक महिला की गुमशुदगी की जांच ने पुलिस को ऐसे हत्याकांड तक पहुंचा दिया, जिसमें शक की सुई सीधे उसके पति पर जाकर टिक गई। पुलिस के अनुसार पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कराने वाला पति ही उसकी हत्या का मुख्य आरोपी निकला। जांच के दौरान मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों ने पूरी घटना की परतें खोल दीं। पुलिस ने मामले में पति और उसकी कथित प्रेमिका को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।

पुलिस के मुताबिक, मृतका की पहचान अंजली सिंह के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी पति उमेंद्र सिंह अपनी कथित प्रेमिका आरती वर्मा के साथ संबंधों के चलते पत्नी को रास्ते से हटाना चाहता था। इसी उद्देश्य से दोनों पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है।

आधी रात कार में ले जाकर हत्या करने का आरोप

पुलिस के अनुसार 30 जुलाई की रात करीब साढ़े बारह बजे उमेंद्र सिंह अपनी पत्नी अंजली को कार में बैठाकर घर से निकला। जांच में सामने आया कि रास्ते में उसकी कथित प्रेमिका आरती वर्मा पहले से मौजूद थी। आरोप है कि कार के भीतर आरती ने अंजली के हाथ पकड़ लिए, जबकि उमेंद्र ने उसका गला दबा दिया। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान महिला की मौत हो गई।

शव को पत्थर से बांधकर गोमती नदी में फेंकने का आरोप

जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया कि हत्या के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। आरोप है कि मृतका के शरीर से जेवर उतारने के बाद शव को साड़ी की मदद से पत्थर से बांधा गया और इटौंजा क्षेत्र के बसहरी पुल के पास गोमती नदी में फेंक दिया गया, ताकि घटना को सामान्य गुमशुदगी का मामला दिखाया जा सके।

गुमशुदगी की रिपोर्ट ने बढ़ाया शक

वारदात के अगले दिन आरोपी पति स्वयं थाने पहुंचा और पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो कई तथ्यों में विरोधाभास सामने आया। इसके बाद जांच टीम ने मोबाइल लोकेशन, कॉल विवरण और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। पुलिस का कहना है कि इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर घटना की कड़ियां जुड़ती चली गईं और संदेह आरोपी पति तथा उसकी कथित प्रेमिका पर केंद्रित हो गया।

पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

जेवर, कार और मोबाइल फोन बरामद

पुलिस के अनुसार आरोपियों की निशानदेही पर मृतका के करीब 10 लाख रुपये मूल्य के जेवर, घटना में प्रयुक्त कार तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। बरामद सामान को जांच का हिस्सा बनाया गया है।

चार अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच

मामले में उमेश सिंह, गायत्री सिंह, सुजीत चौरसिया और कपिल नाम के चार अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

मृतका के परिजनों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

मृतका के भाई पुष्पेंद्र सिंह ने सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि मामले में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि उनकी बहन को न्याय मिल सके।