21 मौतों के बाद दिल्ली में सख्ती, होटल-लॉज से लेकर व्यावसायिक भवनों की होगी जांच

04 Jun 2026

 

मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के बाद दिल्ली प्रशासन ने राजधानीभर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है। घटना के बाद आयोजित आपात बैठक में राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ फायर सेफ्टी मानकों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों को घायलों के बेहतर उपचार और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर डीएनए जांच कराने का भी निर्णय लिया गया है ताकि पहचान में किसी प्रकार की देरी न हो।

 

प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि मृतकों के परिजनों और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित देशों के दूतावासों तक भी समय पर सूचना पहुंचाई जाए। अंतिम संस्कार, दफन या पार्थिव शरीर को गंतव्य तक पहुंचाने की प्रक्रिया में भी हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

 

घटना के बाद दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर निरीक्षण अभियान चलाने का फैसला किया है। गुरुवार से सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, होटल, लॉज, सराय और सार्वजनिक भवनों की फायर सेफ्टी व्यवस्था की जांच शुरू की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी प्रतिष्ठान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं।

 

पुलिस, नगर निगम और पर्यटन विभाग संयुक्त रूप से होटल संगठनों के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में अग्नि सुरक्षा नियमों, लाइसेंस की शर्तों और विभागीय दिशा-निर्देशों पर चर्चा की जाएगी। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि क्षमता से अधिक कमरे संचालित करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान गंभीर खामियां मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठान को बंद कराने, सील करने या कानूनी कार्रवाई करने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।

 

पूरे अभियान की निगरानी गृह विभाग को सौंपी गई है। विभाग विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि सभी निर्देशों का पालन हो। मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त अगले एक महीने तक अभियान की प्रगति की संयुक्त समीक्षा करेंगे। जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और दमकल विभाग की संयुक्त टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण अभियान चलाएंगी।

 

4 जून से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को फायर सुरक्षा उपकरणों, जल टंकियों और जलापूर्ति व्यवस्था के रखरखाव को लेकर जागरूकता संदेश भेजे जाएंगे। इसके साथ ही सुरक्षा संसाधनों की वास्तविक स्थिति का विशेष ऑडिट भी कराया जाएगा। अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्यों में बाधा न आए।

 

भवन मालिकों और प्रतिष्ठान संचालकों को अग्नि सुरक्षा मानकों की जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। इससे वे अपनी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर सकेंगे और आवश्यक सुधार समय रहते कर पाएंगे। इसके अलावा दिल्ली पुलिस, दमकल सेवा और भूमि से जुड़ी एजेंसियां संयुक्त सर्वेक्षण करेंगी। इस दौरान उन क्षेत्रों और मार्गों की पहचान की जाएगी जहां फायर टेंडर की आवाजाही में बाधा आती है।