बसपा प्रमुख मायावती ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी, हेराफेरी और गलत इस्तेमाल से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों पर चिंता जताई है। उन्होंने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इस मुद्दे का राजनीतिकरण करना उचित नहीं होगा।
मायावती ने मंगलवार को एक्स पर जारी अपने बयान में कहा कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार विभिन्न प्रकार की मीडिया रिपोर्टें सामने आ रही हैं। उनके अनुसार यह विषय अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है तथा इसमें शामिल लोगों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए।
बसपा प्रमुख ने कहा कि भविष्य में श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में चढ़ाए जाने वाले चढ़ावे को लेकर किसी प्रकार की शिकायत की स्थिति नहीं बननी चाहिए। इसके लिए देश के अन्य प्रमुख और प्रसिद्ध मंदिरों में चढ़ावे एवं दान के लेखा-जोखा के लिए अपनाई जा रही व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उन्हें अयोध्या में भी लागू करने पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था अपनाने से इस प्रकार के विवादों की पुनरावृत्ति रोकी जा सकती है और श्रद्धालुओं का विश्वास भी बना रहेगा।
अयोध्या में श्रीराम मन्दिर से चढ़ावे की हुई चोरी, ग़बन व हेराफेरी आदि करने की मीडिया में आएदिन क़िस्म-क़िस्म की आ रही ख़बरें अति-गम्भीर व चिन्तनीय। ऐसे लोग क़तई भी बख़्शे नहीं जाने चाहिये, लेकिन इस मामले का राजनीतिकरण करना भी ठीक नहीं।
— Mayawati (@Mayawati) June 30, 2026
साथ ही, अब यहाँ मन्दिर में श्रद्धा के…
मायावती ने अपने बयान में कहा कि चढ़ावे से जुड़े इस मामले को राजनीतिक विवाद का विषय बनाने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले की निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई अधिक महत्वपूर्ण है, जबकि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से समाधान नहीं निकलता।
बसपा प्रमुख ने अपने बयान में व्यापक राजनीतिक संदर्भ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में राजनीति का अपराधीकरण, अपराध का राजनीतिकरण, धर्म का राजनीतिकरण और राजनीति का अंध-धर्मीकरण नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार यह संविधान की भावना और जनहित दोनों के अनुरूप होगा। उन्होंने राजनीतिक दलों को इस दिशा में संयम बरतने की सलाह दी और देशवासियों से भी इस संबंध में जागरूक रहने की अपील की।