थाने की जमीन या वक्फ बोर्ड की संपत्ति? मेरठ में मस्जिद को लेकर बढ़ा विवाद

14 Jun 2026

 

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक मस्जिद की जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। राजस्व विभाग की पैमाइश रिपोर्ट के आधार पर पुलिस का दावा है कि मस्जिद थाने की भूमि पर बनी हुई है। इसके बाद मस्जिद के इमाम को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। पुलिस के अनुसार, राजस्व अभिलेखों में खसरा संख्या 1217 के तहत 6450 वर्गमीटर भूमि थाने की संपत्ति के रूप में दर्ज है। इसी भूमि पर सरकारी आवासीय भवन का निर्माण प्रस्तावित है। निर्माण कार्य से पहले दो सप्ताह पूर्व राजस्व विभाग की टीम ने जमीन की पैमाइश की थी।

 

नायब तहसीलदार संजय सिंह और लेखपाल गुरु बचन सिंह द्वारा तैयार रिपोर्ट में बताया गया कि संबंधित भूमि थाना परिसर का हिस्सा है और उसी क्षेत्र में मस्जिद का निर्माण हुआ है। रिपोर्ट के आधार पर इंस्पेक्टर देव सिंह रावत ने मस्जिद के इमाम अब्दुल गफ्फार को बुलाकर दस्तावेज मांगे। पुलिस के अनुसार, मौके पर इमाम आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके।

 

मस्जिद के इमाम अब्दुल गफ्फार ने पुलिस के दावे से असहमति जताते हुए कहा कि वर्ष 1985 में यह भूमि वक्फ बोर्ड के नाम दर्ज हो चुकी थी। उन्होंने दावा किया कि इससे जुड़े प्रमाण उन्होंने थाने में उपलब्ध करा दिए हैं। इमाम का कहना है कि मस्जिद वक्फ बोर्ड की संपत्ति है और इसके समर्थन में दस्तावेज मौजूद हैं।

 

पुलिस ने इमाम को नोटिस जारी करते हुए सात दिन के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा है। पुलिस का कहना है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो आगे की कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की जाएगी। एसपी देहात अभीजित कुमार ने कहा कि राजस्व विभाग की पैमाइश के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित भूमि थाना परिसर का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मस्जिद पक्ष को नोटिस दिया गया है और निर्धारित समय सीमा के बाद आवश्यक होने पर पुलिस-प्रशासन की मदद से कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।