मुहर्रम के अवसर पर शुक्रवार को अम्बेडकरनगर के मीरानपुर और शहजादपुर क्षेत्र में पारंपरिक मातमी जुलूस श्रद्धा, अकीदत और अनुशासन के साथ निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अंजुमनों के सदस्यों और अकीदतमंदों ने भाग लिया। पूरे मार्ग पर 'या हुसैन' की सदाओं के बीच मातम और नौहाख्वानी का सिलसिला जारी रहा।
मुहर्रम के मौके पर निकले इस पारंपरिक जुलूस ने अपने निर्धारित मार्ग का पालन किया। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहा। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जबकि वरिष्ठ अधिकारी लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।
प्रशासन ने जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पहले से व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। पूरे मार्ग पर पुलिसकर्मी तैनात रहे और अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर बनाए रखी।
जुलूस के दौरान यातायात और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का भी ध्यान रखा गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और कार्यक्रम निर्धारित रूप से संपन्न हो सके।
जुलूस में शामिल अंजुमनों और अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में मातम किया तथा नौहाख्वानी पेश की। पूरे मार्ग पर धार्मिक परंपराओं के अनुसार कार्यक्रम आयोजित किए गए और श्रद्धालुओं ने पूरी अकीदत के साथ सहभागिता निभाई।
जुलूस के दौरान नगर में आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का वातावरण देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने विभिन्न स्थानों पर पेयजल सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराईं, जिससे जुलूस में शामिल लोगों को सुविधा मिल सकी। स्थानीय नागरिकों के सहयोग और प्रशासन की सतर्क निगरानी के बीच पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।