उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति 5.0 अभियान महिलाओं के सशक्तीकरण और सुरक्षा के क्षेत्र में नया इतिहास रच रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 17 अक्टूबर से 3 नवंबर तक प्रदेश के हर ग्राम पंचायत में ‘जागरूकता चौपाल’ का आयोजन किया गया है। इन चौपालों का उद्देश्य दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाना और महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों से अवगत कराना है।
मिशन शक्ति 5.0 न केवल नारी सशक्तीकरण को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि ग्रामीण समाज में समानता और संवेदनशीलता की संस्कृति को भी मजबूत कर रहा है। चौपालों में विशेषज्ञ वक्ता और विभागीय अधिकारी ‘घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005’ और ‘दहेज निषेध अधिनियम, 1961’ को सरल भाषा में समझाते हैं। महिलाओं को बताया जा रहा है कि वे किसी भी हिंसा को सहन न करें और महिला हेल्पलाइन 181 एवं वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से त्वरित सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
इन चौपालों में स्थानीय पुलिस, आशा बहुएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम प्रधान और स्वयंसेवी संस्थाएं सक्रिय भागीदारी कर रही हैं। महिलाएं और किशोरियां अपने अनुभव साझा कर रही हैं, जिससे सामुदायिक सहानुभूति का माहौल बन रहा है। चौपालों में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, वन स्टॉप सेंटर और अन्य महिला सुरक्षा योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 22 सितंबर से 16 अक्टूबर 2025 तक मिशन शक्ति 5.0 के तहत लगभग 15.50 लाख लोगों को जागरूक किया जा चुका है।
योगी सरकार की यह पहल केवल नीति तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसे सामाजिक आंदोलन का रूप दे दिया गया है। हर चौपाल से महिलाओं की आवाज़ बुलंद हो रही है, जो समाज में समानता और गरिमा की नई संस्कृति को बढ़ावा देती है। मिशन शक्ति 5.0 के माध्यम से उत्तर प्रदेश नारी सुरक्षा और स्वावलंबन का राष्ट्रीय मॉडल बन रहा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जोहरी ने कहा, "दहेज और घरेलू हिंसा का अंत केवल कानून से नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना से संभव है। मिशन शक्ति की चौपालें हर गांव में संवाद शुरू कर रही हैं, ताकि हर महिला को भरोसा मिले कि राज्य सरकार उनके साथ है।"