लखनऊ में महिला लेखपाल के निलंबन पर तहसील में धरना, शुक्रवार से काम बंद करने की चेतावनी

03 Sep 2026

लखनऊ की मोहनलालगंज तहसील में महिला लेखपाल के निलंबन को लेकर गुरुवार को लेखपाल संघ ने विरोध प्रदर्शन किया। संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में लेखपाल तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने महिला लेखपाल का निलंबन तत्काल वापस लेने की मांग की। धरने के कारण तहसील का नियमित कामकाज प्रभावित हुआ और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचे फरियादियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

लेखपाल संघ का आरोप है कि महिला लेखपाल के साथ उपजिलाधिकारी (एसडीएम) ने अमानवीय व्यवहार किया, जिसके बाद उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। संघ ने इस मामले में निलंबन आदेश वापस लेने के साथ निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई है।

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महिला लेखपाल के निलंबन के विरोध में लेखपाल सुबह से ही मोहनलालगंज तहसील परिसर में एकत्र होने लगे। इसके बाद लेखपाल संघ के नेतृत्व में कर्मचारियों ने धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान निलंबन आदेश वापस लेने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।

लेखपालों का कहना है कि महिला कर्मचारी के खिलाफ की गई कार्रवाई को वापस लिया जाना चाहिए। संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

धरने के चलते तहसील में होने वाले नियमित कार्य प्रभावित हुए। विभिन्न राजस्व संबंधी कार्यों और अपनी समस्याओं को लेकर तहसील पहुंचे लोगों को कर्मचारियों के प्रदर्शन के कारण इंतजार करना पड़ा।

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लेखपाल संघ ने महिला लेखपाल के साथ कथित व्यवहार को लेकर एसडीएम के खिलाफ नाराजगी जताई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि महिला कर्मचारी के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और इसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में एसडीएम या प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई पक्ष या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए महिला लेखपाल के साथ कथित व्यवहार और निलंबन से जुड़े प्रशासनिक पक्ष की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती।

लेखपाल संघ ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संघ का कहना है कि जांच के बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जानी चाहिए और महिला लेखपाल का निलंबन वापस लिया जाना चाहिए।

धरने के दौरान लेखपाल संघ ने आगे की आंदोलनात्मक रणनीति भी स्पष्ट की। संघ के अध्यक्ष अमरीश कुमार ने कहा कि यदि महिला लेखपाल का निलंबन वापस नहीं लिया गया तो शुक्रवार से लेखपाल पूरी तरह कार्यबहिष्कार करेंगे।

इस चेतावनी के बाद मामले में प्रशासन की ओर से उठाए जाने वाले अगले कदम महत्वपूर्ण हो गए हैं। यदि कार्यबहिष्कार शुरू होता है तो तहसील में लेखपालों से जुड़े नियमित कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

लेखपालों के कार्यबहिष्कार की स्थिति में राजस्व संबंधी कार्यों के साथ-साथ प्रमाणपत्र और अन्य तहसील स्तर की सेवाओं पर भी असर पड़ने की संभावना है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि कार्यबहिष्कार की स्थिति में किन-किन सेवाओं पर कितने समय तक असर पड़ेगा।

तहसील में होने वाले विरोध प्रदर्शन का असर वहां पहुंचे आम लोगों पर भी पड़ा। अपनी समस्याओं और विभिन्न सरकारी कार्यों के लिए मोहनलालगंज तहसील पहुंचे फरियादियों को नियमित कामकाज प्रभावित होने के कारण इंतजार करना पड़ा।

तहसील स्तर पर लेखपालों की भूमिका राजस्व से जुड़े कई कार्यों में महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में कर्मचारियों के सामूहिक प्रदर्शन से संबंधित सेवाओं की प्रक्रिया प्रभावित होना आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गुरुवार को धरने के कारण तहसील का नियमित कामकाज प्रभावित रहा। लेखपाल संघ की ओर से निलंबन वापस लेने की मांग लगातार उठाई जाती रही।

लेखपाल संघ ने केवल निलंबन वापस लेने की मांग ही नहीं की, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी रखी है। संघ का कहना है कि महिला लेखपाल के साथ हुए कथित व्यवहार और उसके बाद की गई कार्रवाई की जांच होनी चाहिए।

किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई से जुड़े प्रशासनिक मामले में संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होता है। इस मामले में उपलब्ध जानकारी में लेखपाल संघ के आरोप और मांगें सामने आई हैं, जबकि प्रशासन या संबंधित एसडीएम की प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।

लेखपाल संघ ने निलंबन वापस नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी है। गुरुवार को धरने के बाद शुक्रवार से पूर्ण कार्यबहिष्कार की घोषणा की गई है।

इससे मोहनलालगंज तहसील के कामकाज पर आगे भी असर पड़ने की स्थिति बन सकती है। विशेष रूप से लेखपालों से जुड़े राजस्व कार्यों और प्रमाणपत्र सहित अन्य सेवाओं के लिए तहसील आने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है। हालांकि, कार्यबहिष्कार वास्तव में शुरू होता है या नहीं और प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाया जाता है, यह आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।