भारत की क्लीन इकॉनमी पर आधारित नया इंडेक्स फंड लॉन्च, NFO 5 जून से

04 Jun 2026

मोतीलाल ओसवाल म्यूच्यूअल फण्ड ने अपने नए फंड ऑफर एनएफओ  'मोतीलाल ओसवाल बीएसई क्लीन एनवायरनमेंट इंडेक्स फण्ड' के लॉन्च की घोषणा की है। यह एक ओपन-एंडेड इंडेक्स फंड है, जो बीएसई क्लीन एनवायरनमेंट इंडेक्स को ट्रैक करेगा। यह एनएफओ 5 जून 2026 से निवेशकों के लिए खुलेगा और 19 जून 2026 को बंद होगा।

 

किन क्षेत्रों में निवेश करेगा फंड: यह फंड बीएसई क्लीन एनवायरनमेंट इंडेक्स को फॉलो करेगा, जिसे भारत की स्वच्छ अर्थव्यवस्था पर केंद्रित पहला विविधीकृत सूचकांक बताया गया है। इसमें रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, वाटर ट्रीटमेंट, रीसाइक्लिंग और वेस्ट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इंडेक्स में लगभग 25 कंपनियां शामिल हैं। इनमें रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर का भार लगभग 86 प्रतिशत है, जबकि शेष हिस्सा इवी, वाटर, रीसाइक्लिंग और वेस्ट मैनेजमेंट क्षेत्रों में विभाजित है।

 

निवेशकों को क्या मिलेगा: फंड का उद्देश्य निवेशकों को एक नियम-आधारित और पारदर्शी निवेश विकल्प उपलब्ध कराना है, जिसके माध्यम से वे भारत के स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरणीय परिवर्तन से जुड़े क्षेत्रों में निवेश कर सकें। योजना का निवेश उद्देश्य बीएसई क्लीन एनवायरनमेंट इंडेक्स द्वारा दर्शाए गए प्रतिभूतियों के कुल रिटर्न के अनुरूप रिटर्न प्रदान करना है, हालांकि ट्रैकिंग एरर और बाजार परिस्थितियों के कारण इसकी कोई गारंटी नहीं है। 

 

एनएफओ से जुड़ी प्रमुख जानकारी

 

योजना के अनुसार, 12 महीने से अधिक अवधि तक निवेश रखने पर ₹1.25 लाख से अधिक लाभ पर 12.5 प्रतिशत की दर से एलटीसीजी लागू होगा। वहीं 12 महीने या उससे कम अवधि में निकासी पर 20 प्रतिशत एसटीसीजी लागू होगा। निवेशकों को व्यक्तिगत कर प्रभावों के लिए अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करने की सलाह दी गई है।

 

फंड के इक्विटी हिस्से का प्रबंधन स्वप्निल मयेकर और एसोसिएट फण्ड मैनेजर दिशांत मेहता करेंगे। वहीं डेट हिस्से का प्रबंधन राकेश शेट्टी करेंगे। मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजमेंट कंपनी के पैसिव बिज़नेस प्रमुख प्रतिक ओसवाल ने कहा कि भारत हर वर्ष तेल और कोयले के आयात पर बड़ी राशि खर्च करता है और अब यह पूंजी सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और स्वच्छ अवसंरचना जैसे क्षेत्रों की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह फंड निवेशकों को इस परिवर्तन में भागीदारी का अवसर प्रदान करता है।