>विश्व एमएसएमई दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में उत्तर प्रदेश के युवाओं और उद्यमियों को नई ऊर्जा देने वाली कई पहलों का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान यूथ अड्डा, सीएम युवा ऐप, और ओडीओपी की 18 करोड़ की सीएफसी परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री ने साफ कहा, “हमारी सरकार जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर नहीं, प्रतिभा और परिश्रम के आधार पर युवाओं को अवसर देती है।”
सीएम के वक्तव्य के प्रमुख बिंदु:
पिछली सरकारों पर हमला: “एक जिला, एक माफिया की पहचान थी तब, आज हर जिला अपनी प्रतिभा से पहचाना जाता है”
>मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारें सिर्फ जातीय संघर्ष और परिवारवाद तक सीमित थीं। न उद्यमिता को प्रोत्साहन मिला, न युवाओं को पहचान। आज डबल इंजन सरकार ने हर वर्ग को आगे बढ़ने का अवसर दिया है।
यूथ अड्डा और सीएम युवा ऐप: उद्यमिता को मिलेगी नई उड़ान
>यूथ अड्डा नवाचार और व्यवसायिक विचारों को प्रोत्साहित करने का मंच है, जबकि सीएम युवा ऐप के माध्यम से युवाओं को डिजिटल माध्यम से प्रशिक्षण, ऋण और योजनाओं की जानकारी सुलभ होगी।
ओडीओपी से गांव-गांव तक पहुंचा रोजगार
>बरेली और मुरादाबाद में 18 करोड़ की कॉमन फैसिलिटेशन सेंटर परियोजनाओं का लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ओडीओपी ने हर जिले और समुदाय के कारीगरों को वैश्विक पहचान दी है।
आर्थिक बदलाव: यूपी की जीडीपी 31 लाख करोड़, निर्यात 2 लाख करोड़ पार
>सीएम योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 46 हजार से बढ़कर 1.2 लाख रुपये हो गई है। 2017 में प्रदेश का निर्यात 80 हजार करोड़ था, जो अब 2 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।
विश्वकर्मा सम्मान और युवा उद्यमी योजना से हर वर्ग को मिला संबल
>55 हजार युवाओं को ब्याज मुक्त ऋण और 10% अनुदान मिला है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 1 लाख से अधिक परंपरागत कारीगरों को टूलकिट व प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इंटरनेशनल ट्रेड शो और जीआई टैग से बढ़ेगी यूपी की वैश्विक मौजूदगी
>सीएम ने सितंबर में ग्रेटर नोएडा में होने वाले अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो की घोषणा की और यूपी के 77 जीआई टैग उत्पादों का उल्लेख करते हुए कहा कि “अब यूपी के कारीगरों की कला कोई और हथिया नहीं सकता।”