>मुजफ्फरनगर के भोपा थाना क्षेत्र में मृत व्यक्तियों को कागजों में जिंदा दिखाकर करोड़ों की जमीन हड़पने की कथित साजिश सामने आई है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।
>आरोप है कि समरपाल नामक व्यक्ति ने अपने ही परिवार के तीन मृत सदस्यों मदनपाल, धर्मपाल और विक्रम सिंह को दस्तावेजों में जीवित दिखाते हुए उनके फर्जी एफिडेविट तहसील में जमा कराए। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इन दस्तावेजों के आधार पर लगभग 15 करोड़ रुपये मूल्य की 15 बीघा कृषि भूमि को आबादी घोषित कराकर कब्जे की कोशिश की गई।
>मामले की जानकारी होने पर परिजनों ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन उनका आरोप है कि गंभीर धाराओं के बजाय पुलिस ने मामूली धाराओं में केस दर्ज किया। इसी के बाद पीड़ित परिवार ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल से निष्पक्ष जांच की मांग की।
>रिश्तेदार श्रवण कुमार का कहना है कि एफिडेविट जिन लोगों के नाम पर लगाए गए, वे कई वर्षों पहले मृत हो चुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि धारा 80 लागू कर फर्जी आदेश जारी कराए गए और पुलिस ने जांच में लापरवाही बरती।
>इस पर एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल ने कहा कि आरोपों की जांच के बाद भोपा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस विस्तृत विवेचना कर रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।