मुजफ्फरनगर, 18 सितंबर 2026: वाल्मीकि समाज की वरिष्ठ नेत्री और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी कुल्लन देवी का बीमारी के चलते 17 सितंबर की देर रात निधन हो गया। उनके निधन की सूचना के बाद वाल्मीकि समाज के लोगों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया है। कुल्लन देवी लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय थीं और वाल्मीकि समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी बात रखती रही थीं।
उनका अंतिम संस्कार 18 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे गौशाला रोड स्थित शहर श्मशान घाट, मुजफ्फरनगर में किया जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुल्लन देवी लंबे समय से सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी हुई थीं। वह देश और प्रदेश के विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ भी काम करती थीं। सामाजिक गतिविधियों में उनकी निरंतर भागीदारी के कारण वाल्मीकि समाज के बीच उनकी पहचान बनी हुई थी। वह समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय रहती थीं। विभिन्न सामाजिक गतिविधियों और संगठनों से जुड़े कार्यों में उनकी भागीदारी रही। समाज से जुड़े लोगों के अनुसार, उन्होंने लंबे समय तक सामाजिक हितों से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया।
परिजनों के अनुसार, कुल्लन देवी पिछले कुछ समय से बीमारी से पीड़ित चल रही थीं। इसी बीमारी के चलते 17 सितंबर की देर रात उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद परिवार, रिश्तेदारों, परिचितों और समाज के लोगों में शोक की स्थिति है। निधन की सूचना मिलने पर सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
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कुल्लन देवी के निधन की सूचना के बाद वाल्मीकि समाज से जुड़े लोगों के अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और उनके परिचितों ने शोक व्यक्त किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उनके सामाजिक क्षेत्र में लंबे समय तक सक्रिय रहने के कारण विभिन्न संगठनों और समाज के लोगों के साथ उनका संपर्क रहा। उनके निधन पर लोगों ने उनके साथ अपने जुड़ाव और सामाजिक गतिविधियों में उनकी भूमिका को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
कुल्लन देवी वाल्मीकि समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सक्रिय रही थीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में रहते हुए समाजहित से संबंधित विषयों को उठाने में भूमिका निभाई। देश और प्रदेश के अलग-अलग सामाजिक संगठनों से जुड़कर उन्होंने सामाजिक गतिविधियों में भाग लिया। इसी वजह से समाज के बीच उन्हें वरिष्ठ नेत्री के रूप में जाना जाता था। उनके निधन के बाद सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उनके लंबे समय तक सक्रिय रहने को याद किया है। परिवार और परिचितों के बीच भी उनके निधन से शोक का माहौल है।
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कुल्लन देवी का अंतिम संस्कार 18 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे मुजफ्फरनगर के गौशाला रोड स्थित शहर श्मशान घाट पर किया जाएगा। अंतिम संस्कार में परिवार के सदस्यों के साथ वाल्मीकि समाज से जुड़े लोगों, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और उनके परिचितों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। अंतिम संस्कार की तैयारियों को लेकर परिवार और परिचितों की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
कुल्लन देवी के निधन की सूचना के बाद उनके परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों में शोक है। समाज के लोगों तथा सामाजिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने भी शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। कुल्लन देवी के निधन के साथ सामाजिक क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रहने वाली एक वरिष्ठ नेत्री का निधन हुआ है। उनका अंतिम संस्कार 18 सितंबर को निर्धारित समय और स्थान पर किया जाएगा।