उत्तर प्रदेश में किसानों की सिंचाई समस्याओं को दूर करने और जल संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को उच्चस्तरीय बैठक में नलकूपों के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण पर जोर दिया। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नलकूपों से पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाए और वाटर कंजर्वेशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वर्षा का मौसम इस प्रक्रिया के लिए सबसे उपयुक्त समय है, जिससे भूगर्भीय जल स्तर में सुधार और डार्क जोन वाले क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं जैसे सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, बाण सागर और मध्य गंगा का विस्तृत मूल्यांकन कर अधिकारियों को कमियों को दूर करने के निर्देश दिए।
सीएम द्वारा दिए गए मुख्य निर्देश:
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नलकूपों के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण में प्राथमिकता तय कर, किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं के अनुसार कार्य किया जाए।
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तराई क्षेत्र में रिजर्व वायर को डिसिल्ट कर पुनर्जीवित किया जाए, जिससे अधिक से अधिक किसानों को सिंचाई सुविधा मिले।
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कटान रोकने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सिल्ट का सही उपयोग किया जाए।
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नलकूपों के आधुनिकीकरण और जीर्णोद्धार में गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता न किया जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ये प्रयास केवल सिंचाई सुविधा बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इससे किसानों की लागत घटेगी, आधुनिक तकनीक आधारित सुविधाएं उपलब्ध होंगी और प्रदेश का कृषि उत्पादन भी बढ़ेगा। उन्होंने अधिकारियों को सतत निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।