राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर कारीगरों के लिए सरकार की योजनाएं, सीएम योगी ने साझा किए आंकड़े

07 Aug 2026

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हथकरघा और पावरलूम उद्योग लगभग 30 लाख लोगों की आजीविका का आधार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बुनकरों, हस्तशिल्पियों और कारीगरों को आधुनिक तकनीक, डिजाइन, पैकेजिंग और विपणन से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 40 हजार से अधिक हस्तशिल्पियों को विद्युत सुविधा के तहत 109 करोड़ रुपये का लाभ दिया गया है।

मुख्यमंत्री लोकभवन सभागार में आयोजित राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह-2026 एवं संत कबीर राज्यस्तरीय हथकरघा पुरस्कार वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले बुनकरों को सम्मानित किया तथा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक वितरित किए। कार्यक्रम में हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया गया और प्रमुख खरीदारों के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हथकरघा क्षेत्र से लगभग ढाई लाख परिवार, यानी करीब 14 से 15 लाख लोग जुड़े हैं। यदि पावरलूम उद्योग को भी इसमें शामिल किया जाए तो यह संख्या लगभग 30 लाख तक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र लाखों लोगों को स्वरोजगार उपलब्ध करा रहा है और बड़ी संख्या में परिवार इसी पर निर्भर हैं।

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उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को सम्मान के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में पिछले वर्ष 40 हजार से अधिक हस्तशिल्पियों को विद्युत सुविधा के रूप में 109 करोड़ रुपये का लाभ दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन और तकनीक का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि बदलती मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने से उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर अवसर मिल सकते हैं।

उन्होंने लखनऊ, बाराबंकी, अंबेडकर नगर, संत कबीर नगर, मऊ, आजमगढ़, वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर और गोरखपुर सहित विभिन्न जिलों के हस्तशिल्प उत्पादों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के कारीगरों ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भदोही का कालीन उद्योग पहले कठिन दौर से गुजर रहा था, लेकिन वर्तमान में वहां से बड़ी मात्रा में कालीन का निर्यात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की नई संसद में भी भदोही की कालीन का उपयोग किया गया है।

उन्होंने बताया कि भदोही में कालीन एक्सपो सेंटर तथा वाराणसी में ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर की स्थापना की गई है। साथ ही टेक्नोलॉजी, डिजाइन, पैकेजिंग, निर्यात और विपणन को मजबूत करने के लिए सरकार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल उद्योग को मजबूत करने के लिए लखनऊ में लगभग 1000 एकड़ क्षेत्र में पीएम मित्र पार्क विकसित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि संत कबीर के नाम पर प्रदेश में पांच स्थानों पर टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की दिशा में कार्य आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार कृषि के बाद टेक्सटाइल उद्योग सबसे अधिक रोजगार देने वाले क्षेत्रों में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी के ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर से जुड़े विद्यार्थियों को डिजाइन, तकनीक और पैकेजिंग से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 450 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में हथकरघा क्षेत्र में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं कार्य कर रही हैं। उन्होंने इसे इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' पहल के माध्यम से स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच बढ़ी है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं।

उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि हस्तशिल्प उत्पादों को बाजार की मांग और नई तकनीकों के अनुरूप विकसित कर विपणन से जोड़ा जाए। साथ ही विश्वकर्मा श्रम सम्मान और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत उपलब्ध प्रशिक्षण एवं टूलकिट का अधिक से अधिक लाभ दिलाने पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विभागों में हथकरघा उत्पादों की खरीद बढ़ाने के लिए व्यवस्था विकसित की गई है। उन्होंने अस्पतालों, होटलों, अतिथि गृहों तथा अन्य सरकारी संस्थानों में स्थानीय हथकरघा उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने नागरिकों से भी स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार उत्पादों को उपहार के रूप में अपनाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 7 अगस्त 1905 को स्वदेशी आंदोलन ने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी थी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने खादी और स्वदेशी को स्वतंत्रता आंदोलन का प्रमुख माध्यम बनाया था। इसी ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

कार्यक्रम में खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हस्तकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, जय देवी, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, मुकेश शर्मा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग अनिल कुमार सागर, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, निदेशक हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विजयेंद्र पांडियन सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।