न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़े अध्याय को लेकर उठे विवाद के बाद NCERT ने अपनी कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तक में प्रकाशित सामग्री पर खेद जताया है। संस्था ने स्पष्ट किया है कि संबंधित अध्याय को दोबारा लिखा जाएगा और संशोधित सामग्री के साथ नई रूपरेखा तैयार की जाएगी।
यह मामला तब प्रमुखता से सामने आया जब सुप्रीम कोर्ट ने पुस्तक में शामिल सामग्री की भाषा और प्रस्तुति पर नाराज़गी जताते हुए गंभीर आपत्ति दर्ज की। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने भी पुस्तक के वितरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
NCERT ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में कहा कि न्यायपालिका भारतीय संविधान की संरक्षक संस्था है और पाठ्यपुस्तक में शामिल आपत्तिजनक सामग्री अनजाने में सम्मिलित हुई। परिषद ने इसे ‘निर्णय की त्रुटि’ बताते हुए खेद प्रकट किया।
संस्था ने यह भी स्पष्ट किया कि नई पाठ्यपुस्तकों का उद्देश्य छात्रों में संवैधानिक साक्षरता और संस्थागत सम्मान को मजबूत करना है। अध्याय को संबंधित प्राधिकरण से परामर्श के बाद संशोधित किया जाएगा और शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत में अद्यतन संस्करण छात्रों को उपलब्ध कराया जाएगा। NCERT ने दोहराया कि समीक्षा प्रक्रिया जारी है और छात्रों को संतुलित व तथ्यात्मक सामग्री उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता रहेगी।