भारतीय किसान यूनियन-भानु के अध्यक्ष राजवीर मुखिया के नेतृत्व में किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश से मुलाकात की। इस दौरान किसानों ने 81 गांवों से जुड़ी लंबे समय से लंबित समस्याओं को उठाते हुए उनके समाधान की मांग की।
भाकियू (भानु) के अध्यक्ष राजवीर मुखिया ने कहा कि पिछले लगभग 50 वर्षों से किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि कई पीढ़ियां प्राधिकरण के चक्कर लगाते-लगाते गुजर गईं, लेकिन अब तक समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाष भाटी शहदरा ने कहा कि प्राधिकरण के नियोजन विभाग में तैनात महाप्रबंधक मीणा भार्गव के कारण किसानों की समस्याओं का समाधान प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले गठित हाई पावर कमेटी के फैसले का भी अब तक इंतजार किया जा रहा है।
प्रदेश महामंत्री प्रेम सिंह भाटी ने कहा कि किसानों की आबादियों का अधिग्रहण बिना मौके पर सर्वे किए किया गया। उन्होंने पीपी एक्ट के तहत दर्ज हजारों मामलों को वापस लेने की मांग की। इसके अलावा किसानों ने मांग की कि:
- आबादियों को 'जहां है, जैसी है' के आधार पर छोड़ा जाए।
- सभी पात्र किसानों को 10 प्रतिशत भूखंड दिए जाएं।
- आवासीय और औद्योगिक योजनाओं में किसानों के लिए आरक्षण जारी रखा जाए।
- पांच प्रतिशत भूखंडों पर वाणिज्यिक गतिविधियों की अनुमति दी जाए।
- अतिरिक्त पांच प्रतिशत भूखंड आवंटित किए जाएं।
- गांवों का विकास शहरों की तर्ज पर किया जाए।
- निजी संस्थानों और स्कूलों में स्थानीय युवाओं के लिए 25 प्रतिशत रोजगार कोटा निर्धारित किया जाए।
- गांवों में सीवर लाइन की क्षमता बढ़ाई जाए।
- जिन गांवों में श्मशान घाट नहीं हैं, वहां उनका निर्माण कराया जाए।
किसानों ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण के CEO कृष्णा करुणेश के साथ बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई। उन्होंने किसानों की समस्याओं को विस्तार से सुना और जल्द समाधान की दिशा में कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक में सुनील अवाना, अनिल बसोया, ओमी प्रधान, मोहित सिंह, राज भाटी, अजय अधाना, किट्टी प्रधान, उमेश स्वामी, अभिषेक मोहित और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।