11 हजार करोड़ के नोएडा एयरपोर्ट में बारिश के बाद अंडरपास में भरा पानी, एस्कलेटर बंद

12 Aug 2026

उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में तेज बारिश के बाद टर्मिनल के निकास द्वार के पास बने अंडरपास में जलभराव की स्थिति सामने आई। बारिश के दौरान अंडरपास में पानी भरने के साथ वहां लगाए गए दोनों एस्कलेटर भी बंद हो गए। इस दौरान यात्रियों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, करीब छह माह पहले शुरू हुए एयरपोर्ट के पहले चरण के निर्माण में लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की लागत आई है। तेज बारिश के बाद अंडरपास में जलभराव का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ, जिसके बाद एयरपोर्ट की जल निकासी व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हुई। हालांकि, एयरपोर्ट संचालक कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने कहा कि कम समय में हुई भारी बारिश के कारण टर्मिनल और पार्किंग को जोड़ने वाले मार्ग पर कुछ देर के लिए पानी जमा हुआ था और एयरपोर्ट की टीमों ने इसे 30 मिनट से कम समय में हटा दिया।

जिस हिस्से में जलभराव हुआ, वह टर्मिनल के फोरकोर्ट को पार्किंग क्षेत्र से जोड़ता है। यात्रियों के लिए यह मार्ग टर्मिनल से बाहर निकलने और पार्किंग क्षेत्र की ओर जाने में महत्वपूर्ण है। तेज बारिश के बाद इस अंडरपास में पानी जमा हो गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पानी के साथ मिट्टी और मलबा भी बहकर अंडरपास तक पहुंच गया, जिससे वहां की स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई। जलभराव के कारण अंडरपास से गुजरने वाले यात्रियों को आवाजाही में परेशानी हुई। मौके पर मौजूद लोगों ने पानी भरने की स्थिति का वीडियो बनाया और उसे इंटरनेट मीडिया पर साझा किया।

अंडरपास में पानी भरने के साथ वहां लगाए गए दोनों एस्कलेटर भी बंद हो गए। इससे यात्रियों को अंडरपास से आने-जाने में अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ा। एस्कलेटर के बंद होने और पानी जमा होने की तस्वीरें तथा वीडियो इंटरनेट मीडिया पर सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में एस्कलेटर के बंद होने के कारणों के बारे में अलग से कोई तकनीकी विवरण नहीं दिया गया है।

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बारिश के दौरान केवल अंडरपास में ही पानी जमा होने की बात सामने नहीं आई। टर्मिनल के सामने बनाए गए वेटिंग एरिया में लगी विशेष सफेद फैब्रिक की छत से भी पानी टपकता हुआ दिखाई दिया। यह छत एयरपोर्ट के वास्तुशिल्प का एक प्रमुख हिस्सा है। बारिश के दौरान इससे पानी टपकने के दृश्य भी मौके पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बने।

जलभराव की घटना को लेकर एयरपोर्ट संचालक कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से बयान जारी किया गया। कंपनी के अनुसार, कम समय में हुई भारी बारिश के कारण टर्मिनल और पार्किंग को जोड़ने वाले मार्ग पर कुछ देर के लिए पानी जमा हुआ था। कंपनी ने कहा कि एयरपोर्ट की टीमों ने तेजी से कार्रवाई की और 30 मिनट से भी कम समय में पूरा पानी हटा दिया गया। कंपनी के बयान के मुताबिक, इस स्थिति का उड़ान संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि बारिश के कारण उत्पन्न जलभराव की स्थिति का उड़ान संचालन और एयरपोर्ट के सामान्य कामकाज पर असर नहीं पड़ा। प्रशासन के अनुसार यात्रियों की आवाजाही सामान्य बनी रही। अचानक हुई अत्यधिक तेज बारिश को इस अस्थायी जलभराव की वजह बताया गया है। एयरपोर्ट प्रशासन ने यह भी कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

जलभराव की अवधि को लेकर एयरपोर्ट संचालक कंपनी और सूत्रों से सामने आई जानकारी में अंतर है। संचालक कंपनी ने अपने बयान में कहा कि पानी 30 मिनट से कम समय में हटा दिया गया था। वहीं, सूत्रों के हवाले से उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोपहर करीब एक बजे जलभराव की स्थिति बनने के बाद शाम करीब पांच बजे तक स्थिति पूरी तरह सामान्य हो पाई थी। इस अंतर के संबंध में उपलब्ध सामग्री में अलग से कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। ऐसे में जलभराव की अवधि को लेकर दोनों दावों को अलग-अलग देखना जरूरी है।

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नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के अंडरपास में बारिश का पानी जमा होने की घटना के बाद एयरपोर्ट की जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं। खासतौर पर इसलिए क्योंकि यह एयरपोर्ट का वह हिस्सा है, जहां से यात्रियों की आवाजाही होती है और टर्मिनल तथा पार्किंग क्षेत्र आपस में जुड़े हैं। हालांकि, एयरपोर्ट प्रशासन ने इसे कम समय में हुई अत्यधिक तेज बारिश के कारण उत्पन्न अस्थायी स्थिति बताया है और कहा है कि पानी को तेजी से हटाया गया। प्रशासन के अनुसार, इस घटना से उड़ानों और सामान्य एयरपोर्ट संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। जलभराव के दौरान अंडरपास से गुजरने वाले यात्रियों को परेशानी हुई। पानी जमा होने और दोनों एस्कलेटर के बंद होने से यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई। हालांकि, एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार उड़ान संचालन सामान्य रहा और एयरपोर्ट के कामकाज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर क्षेत्र में स्थित है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार एयरपोर्ट के पहले चरण के निर्माण पर करीब 11 हजार करोड़ रुपये की लागत आई है। एयरपोर्ट के टर्मिनल परिसर में यात्रियों की सुविधा के लिए फोरकोर्ट, पार्किंग क्षेत्र, अंडरपास और एस्कलेटर जैसी व्यवस्थाएं बनाई गई हैं। टर्मिनल के निकास क्षेत्र से पार्किंग की ओर जाने के लिए संबंधित अंडरपास का इस्तेमाल किया जाता है। तेज बारिश के दौरान इसी मार्ग पर पानी जमा होने की घटना सामने आई।

एयरपोर्ट प्रशासन ने कहा है कि वह पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए स्थिति की निगरानी की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बारिश के दौरान जलभराव के बावजूद उड़ान संचालन और एयरपोर्ट का सामान्य कामकाज जारी रहा।