क्रिप्टो, शेयर बाजार और नकली बॉस बनकर ठगी, नोएडा में छह लोगों ने गंवाए 83.18 लाख

13 Aug 2026

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगी के छह अलग-अलग मामले सामने आए हैं। साइबर अपराधियों ने क्रिप्टो करेंसी, गोल्ड कंपनी, शेयर बाजार, ट्रेडिंग, टेलीग्राम और नकली बॉस बनकर लोगों को निशाना बनाया। इन छह मामलों में पीड़ितों से कुल 83 लाख 18 हजार 632 रुपये की रकम ट्रांसफर कराई गई।

पुलिस ने सभी मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस शिकायतों के आधार पर उन बैंक खातों और आरोपियों से जुड़े अन्य विवरणों की जांच कर रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई। इन मामलों में सबसे अधिक 25 लाख 54 हजार 491 रुपये की ठगी नोएडा सेक्टर-22 निवासी प्रदीप कुमार से क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर की गई। वहीं, नोएडा सेक्टर-132 की एक कंपनी में काम करने वाले गोविंद से उनके बॉस के नाम का इस्तेमाल कर 20 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए।

पहला मामला नोएडा के सेक्टर-22 का है। यहां रहने वाले प्रदीप कुमार से क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का झांसा देकर 25 लाख 54 हजार 491 रुपये की ठगी की गई। डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल के अनुसार, मामले में प्रदीप कुमार की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। शिकायत के मुताबिक, ऑनलाइन संपर्क में आई प्रीति जैन नाम की महिला ने खुद को इंदौर निवासी बताया था। उसने प्रदीप कुमार को क्रिप्टो करेंसी में निवेश से अधिक कमाई होने की बात कही। शुरुआत में प्रदीप कुमार ने 10 हजार रुपये लगाए। इसके बाद उन्हें 11 हजार रुपये वापस मिले। इस लेनदेन के बाद उन्हें निवेश के प्रस्ताव पर भरोसा हो गया। इसके बाद अलग-अलग मौकों पर उनसे विभिन्न खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। जब बाद में उन्हें इस पूरी प्रक्रिया में ठगी का पता चला तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की।

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दूसरा मामला ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा-वन का है। यहां रहने वाले 59 वर्षीय सतपाल वर्मा से 13 लाख 50 हजार 800 रुपये की ठगी की गई। सतपाल वर्मा के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिए उनकी एक महिला से दोस्ती हुई थी। बातचीत के दौरान महिला ने उन्हें गोल्ड कंपनी में निवेश करने पर अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा दिया। इसके बाद वह महिला द्वारा बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करते रहे। कई बार रकम भेजने के बाद उन्हें साइबर ठगी का पता चला शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

तीसरा मामला ग्रेटर नोएडा वेस्ट का है। यहां रहने वाली रिटायर्ड शिक्षिका सीमा जौहरी को शेयर बाजार में निवेश के नाम पर निशाना बनाया गया। शिकायत के अनुसार, सोशल मीडिया के माध्यम से उनके संपर्क में आए एक व्यक्ति ने उन्हें कुछ शेयरों में निवेश करने पर अधिक मुनाफा होने का भरोसा दिया। इसके बाद अलग-अलग खातों में उनसे रकम ट्रांसफर कराई गई। सीमा जौहरी ने कुल 9 लाख 40 हजार रुपये गंवाए। बाद में उन्हें पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गई हैं।

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एक अन्य मामले में प्राची सिंह को शेयर बाजार में ट्रेडिंग के नाम पर साइबर अपराधियों ने निशाना बनाया। शिकायत के अनुसार, अज्ञात आरोपियों ने उन्हें अपने संपर्क में लेकर अलग-अलग मौकों पर रकम ट्रांसफर कराई। इस मामले में कुल 6 लाख 82 हजार 341 रुपये की ठगी हुई। प्राची सिंह की शिकायत के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस अब रकम जिन खातों में भेजी गई, उनकी जानकारी और आरोपियों से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

साइबर ठगी का एक अलग तरीका नोएडा के सेक्टर-132 स्थित एक कंपनी में सामने आया। यहां काम करने वाले गोविंद को साइबर अपराधियों ने उनके बॉस के नाम का इस्तेमाल करके निशाना बनाया। गोविंद के अनुसार, 7 अगस्त की शाम उन्हें एक संदेश मिला। संदेश भेजने वाले ने खुद को उनका बॉस जसविंदर सिंह भाटिया बताया और एक व्यक्ति के खाते में 20 लाख रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा। गोविंद ने संदेश को अपने बॉस का निर्देश समझकर बताए गए खाते में 20 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उन्होंने वास्तविक बॉस से संपर्क कर इस बारे में बात की तो उन्हें पता चला कि उनके नाम से किसी और ने संदेश भेजा था। इसके बाद उन्हें साइबर ठगी का पता चला। इस मामले में भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

छठा मामला ग्रेटर नोएडा का है, जहां रहने वाली नेहा सिंह को टेलीग्राम के जरिए अधिक पैसे कमाने का झांसा दिया गया। शिकायत के अनुसार, अज्ञात साइबर अपराधियों ने नेहा सिंह से संपर्क किया और उन्हें कमाई का भरोसा दिया। इसके बाद अलग-अलग तरीके से उनसे रकम अपने बताए खाते में ट्रांसफर कराई गई। नेहा सिंह ने कुल 7 लाख 91 हजार रुपये गंवाए। बाद में उन्हें ठगी का पता चला और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।


इन छह मामलों में दर्ज रकम को जोड़ने पर कुल 83 लाख 18 हजार 632 रुपये की ठगी सामने आती है।

मामला ठगी की रकम
प्रदीप कुमार, क्रिप्टो करेंसी 25,54,491 रुपये
सतपाल वर्मा, गोल्ड कंपनी 13,50,800 रुपये
सीमा जौहरी, शेयर बाजार 9,40,000 रुपये
प्राची सिंह, शेयर ट्रेडिंग 6,82,341 रुपये
गोविंद, नकली बॉस बनकर ठगी 20,00,000 रुपये
नेहा सिंह, टेलीग्राम के जरिए ठगी 7,91,000 रुपये
कुल 83,18,632 रुपये

इन मामलों में साइबर अपराधियों ने अलग-अलग तरीके अपनाए। कुछ मामलों में सोशल मीडिया के जरिए संपर्क किया गया, जबकि एक मामले में टेलीग्राम का इस्तेमाल हुआ। क्रिप्टो करेंसी, गोल्ड कंपनी और शेयर बाजार में निवेश से अधिक मुनाफे का भरोसा देकर लोगों से रकम ट्रांसफर कराई गई। नकली बॉस वाले मामले में आरोपी ने कंपनी कर्मचारी को उसके वरिष्ठ अधिकारी के नाम से संदेश भेजकर रकम ट्रांसफर करने के लिए कहा। इस तरह छह मामलों में ठगी का तरीका अलग-अलग था, लेकिन सभी मामलों में पीड़ितों से रकम बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई।

पुलिस के अनुसार, सभी छह मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। साइबर क्राइम थाना पुलिस शिकायतों के आधार पर जांच कर रही है। जांच में उन बैंक खातों की जानकारी खंगाली जा रही है, जिनमें पीड़ितों से रकम ट्रांसफर कराई गई। इसके साथ ही पुलिस आरोपियों से संबंधित उपलब्ध जानकारी की भी जांच कर रही है। मामलों में आरोपियों की पहचान और ठगी की रकम की जांच पुलिस कार्रवाई का हिस्सा है।