सावन शिवरात्रि के अवसर पर मंगलवार सुबह से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए विभिन्न मंदिरों में सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं। कांवड़िये भी भजन और भगवान शिव के जयकारों के साथ मंदिरों तक पहुंचे।
श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम किए। नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में करीब 2500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। मंदिरों और कांवड़ मार्गों की निगरानी के लिए 30 ड्रोन और करीब 3000 सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया गया।
सावन शिवरात्रि के मौके पर मंगलवार सुबह से ही नोएडा के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए भक्त कतारों में खड़े नजर आए। कई स्थानों पर कांवड़िये भी जल लेकर पहुंचे। उनके साथ परिवार और गांव-समाज के अन्य लोग भी मंदिरों में जलाभिषेक के लिए पहुंचे। मंदिरों के आसपास धार्मिक गतिविधियों के चलते श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी रही। इस दौरान कई स्थानों पर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे सुनाई दिए। कांवड़िये भजनों की धुन के साथ मंदिरों की ओर बढ़ते नजर आए।
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नोएडा के सेक्टर-19 स्थित सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर-44 स्थित छलेरा शिव मंदिर, सेक्टर-2 स्थित लाल मंदिर और सेक्टर-20 स्थित श्री हनुमान मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। इसके अलावा सेक्टर-40 स्थित शक्ति धाम मंदिर, सेक्टर-27 स्थित सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर-48 स्थित शिव मंदिर और सेक्टर-78 स्थित अंतरिक्ष गोल्फ व्यू-प्रथम मंदिर समेत अन्य शिवालयों में भी धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन मंदिरों में रुद्राभिषेक, हवन और महाआरती सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए।
सेक्टर-44 स्थित छलेरा शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए भीड़ प्रबंधन के लिए आठ से दस स्वयंसेवकों को तैनात किया गया। मंदिर परिसर में आठ सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से स्थिति पर नजर रखी गई। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर के खुले रहने का समय भी बढ़ाया गया और इसे दोपहर करीब डेढ़ से दो बजे तक रखा गया। मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों और पुलिस की मौजूदगी रही।
सेक्टर-2 स्थित लाल मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था के तहत मुख्य प्रवेश द्वार और मंदिर परिसर के भीतर महिला तथा पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के साथ मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। प्रमुख मंदिरों के अलावा कांवड़ मार्गों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया।
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श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भारी आवाजाही को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में करीब 2500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की। पुलिस बल को मंदिरों, प्रमुख मार्गों और कांवड़ यात्रा से जुड़े रास्तों पर लगाया गया। भीड़ नियंत्रण के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए यातायात पुलिस को भी विशेष रूप से अलर्ट रखा गया। प्रशासन की कोशिश रही कि मंदिरों तक आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को आवाजाही में परेशानी न हो और भीड़ के कारण प्रमुख सड़कों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर करीब 3000 सीसीटीवी कैमरों और 30 ड्रोन के माध्यम से निगरानी की गई। अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था राजीव नारायण मिश्रा के अनुसार, धार्मिक स्थलों पर भीड़ को व्यवस्थित रखना और किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकना पुलिस की प्राथमिकता रही। उन्होंने बताया कि भीड़ का आकलन करने और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान के लिए एआई आधारित कैमरों का इस्तेमाल किया गया। इसके साथ ही सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई।
सावन शिवरात्रि और कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी नजर रखी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत सोशल मीडिया पर सामने आने वाली गतिविधियों की निगरानी की गई। पुलिस की ओर से मंदिरों, कांवड़ मार्गों और भीड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी गई।
कांवड़ यात्रा की तैयारियों और सावन शिवरात्रि के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी मेधा रूपम और पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की आवाजाही से जुड़े इंतजामों का जायजा लिया। मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर तैनात पुलिस बल को भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाया गया।
श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की बढ़ी हुई आवाजाही के कारण शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था को लेकर भी पुलिस सतर्क रही। मंदिरों और कांवड़ मार्गों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के साथ-साथ इस बात पर भी ध्यान दिया गया कि धार्मिक आयोजनों के दौरान आम लोगों की आवाजाही और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।