>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि भारत द्वारा किया गया ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए नहीं, बल्कि आतंकवाद को समाप्त करने के लिए था। दशहरे के अवसर पर गुजरात के भुज स्थित सैन्य अड्डे पर शस्त्र पूजा के बाद सैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने अपने सभी सैन्य लक्ष्यों को सफलता पूर्वक पूरा किया और पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली को पूरी तरह बेनकाब कर दिया।
>राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लेह से सर क्रीक तक भारत की रक्षा प्रणाली को भेदने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहा। इसके विपरीत, भारतीय सेना ने यह साबित कर दिया कि वह जब चाहे और जहां चाहे पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।
>उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने इस दौरान संयम बरता और यह सुनिश्चित किया कि कार्रवाई केवल आतंकवाद के ढांचों को ध्वस्त करने तक सीमित रहे। उनका कहना था, “ऑपरेशन सिंदूर का मकसद पाकिस्तान के साथ युद्ध शुरू करना नहीं था, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश देना था।”
>गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने 6-7 मई की मध्यरात्रि को ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की थी। इस अभियान में भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्रों में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद दोनों देशों के बीच 3-4 दिन तक हमले चले और 10 मई को युद्धविराम (सीजफायर) पर सहमति बनी।
>रक्षा मंत्री ने 1965 की जंग का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भारतीय सेना लाहौर तक पहुंचने की क्षमता दिखा चुकी थी। उन्होंने चेतावनी दी कि आज भी पाकिस्तान को यह याद रखना चाहिए कि कराची का रास्ता सर क्रीक से होकर ही जाता है।
>इस बयान के साथ राजनाथ सिंह ने न केवल भारतीय सेना की शक्ति का प्रदर्शन किया, बल्कि दुनिया को यह भी संदेश दिया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने को हमेशा तैयार है।
>सोर्स: PTI