नई दिल्ली। दिल्ली के पीतमपुरा में खेल सुविधाओं से जुड़ी एक नई परियोजना पर काम किया जा रहा है। करीब 2.75 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाले इस परिसर में खिलाड़ियों के लिए आवास और प्रशिक्षण से जुड़ी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराने की योजना है। परियोजना की कुल लागत 99.52 करोड़ रुपये बताई गई है।
परियोजना में कुल 412 खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्था की जाएगी। छात्रावास में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग आवासीय भवन बनाए जाएंगे। परिसर को इस तरह विकसित करने की योजना है कि खिलाड़ियों को सालभर प्रशिक्षण से जुड़ी सुविधाएं मिल सकें। परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य अप्रैल 2027 रखा गया है। परिसर में तैराकी और जिम्नास्टिक जैसी खेल गतिविधियों के लिए विशेष सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं।
पीतमपुरा में प्रस्तावित खेल परिसर करीब 2.75 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। परियोजना का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों के लिए आवास के साथ प्रशिक्षण से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस परिसर में 412 खिलाड़ियों के रहने की क्षमता होगी। लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग छात्रावास बनाए जाने की योजना है। इससे आवासीय सुविधा को खेल प्रशिक्षण केंद्र के साथ एक ही परिसर में जोड़ा जाएगा। परियोजना के पूरा होने का लक्ष्य अप्रैल 2027 रखा गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परिसर में खिलाड़ियों की रोजमर्रा की जरूरतों के साथ प्रशिक्षण से जुड़ी आवश्यक सुविधाओं को भी शामिल किया जा रहा है।
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परिसर की प्रमुख सुविधाओं में अंतरराष्ट्रीय मानकों वाला ऑल-वेदर, तापमान नियंत्रित इनडोर स्वीमिंग पूल शामिल है। इसे तैराकी के उत्कृष्टता केंद्र के तौर पर विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित पूल में 50 मीटर और 25 मीटर की प्रतियोगिताओं के लिए व्यवस्था होगी। इसके साथ ही वाटर पोलो और नियमित तैराकी प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां भी यहां कराई जा सकेंगी। इनडोर और तापमान नियंत्रित व्यवस्था के कारण परिसर में तैराकी प्रशिक्षण के लिए सालभर सुविधा उपलब्ध कराने का उद्देश्य रखा गया है। इसके अलावा परिसर में एक अभ्यास पूल भी प्रस्तावित है। इससे खिलाड़ियों को प्रतियोगिता और नियमित अभ्यास, दोनों के लिए अलग-अलग सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
तैराकी के साथ जिम्नास्टिक प्रशिक्षण के लिए भी परिसर में विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए जिम्नास्टिक हॉल बनाया जाएगा। इस तरह पीतमपुरा की परियोजना में आवासीय सुविधाओं के साथ तैराकी और जिम्नास्टिक प्रशिक्षण को भी जोड़ा जा रहा है। खिलाड़ियों को प्रशिक्षण स्थल और रहने की सुविधा एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की योजना है।
खिलाड़ियों के लिए बनाए जाने वाले छात्रावास भवनों में रहने के साथ रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। परिसर में भोजन और मनोरंजन से जुड़ी व्यवस्थाएं भी होंगी। इसके अलावा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और फिटनेस से जुड़ी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जिम और इनडोर खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परिसर में पानी और सीवेज की व्यवस्था के साथ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी शामिल होगा। बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए बिजली बैकअप और सौर ऊर्जा संयंत्र की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सुरक्षा और आपात स्थिति से जुड़ी व्यवस्थाओं में सीसीटीवी और अग्निशमन प्रणाली शामिल होगी।
परियोजना की एक प्रमुख विशेषता यह है कि खिलाड़ियों के रहने और प्रशिक्षण से जुड़ी कई सुविधाओं को एक ही परिसर में विकसित किया जाएगा। तैराकी और जिम्नास्टिक में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों के लिए यह परिसर आवासीय सुविधा के साथ प्रशिक्षण की व्यवस्था उपलब्ध कराएगा। परिसर में जिम और इनडोर खेल सुविधाएं भी होंगी। 412 खिलाड़ियों की आवासीय क्षमता के साथ लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग छात्रावास बनाए जाने की योजना है।
पीतमपुरा खेल छात्रावास और परिसर की परियोजना को अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना पूरी होने के बाद यहां खिलाड़ियों के रहने, प्रशिक्षण, फिटनेस और अन्य आवश्यक गतिविधियों के लिए अलग-अलग सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परिसर में तैराकी के लिए मुख्य पूल और अभ्यास पूल के अलावा जिम्नास्टिक हॉल भी प्रस्तावित है।
पीतमपुरा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है। फरवरी 2026 में मुख्यमंत्री अपने विधानसभा क्षेत्र में पीतमपुरा स्थित जिला पार्क में विकास कार्यों से जुड़े एक कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में पिछले एक वर्ष के दौरान करीब 250 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उल्लेख किया गया था। पीतमपुरा की खेल परियोजना इसी क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों के संदर्भ में सामने आई है।
दिल्ली में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए पीतमपुरा की यह परियोजना अकेली योजना नहीं है। दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के मुख्य परिसर का विकास भी चल रहा है। इस परिसर में खिलाड़ी छात्रावास, प्रशिक्षण केंद्र और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर की अन्य खेल सुविधाओं को भी विकसित करने की योजना है। केंद्र की खेल अवसंरचना योजना के तहत वर्ष 2026 में दिल्ली में कई अन्य खेल सुविधाओं के काम भी स्वीकृत किए गए हैं।