पीएम मोदी की अपील का असर, SGPGI निदेशक ने छोड़ी कार, साइकिल से पहुंचे दफ्तर

14 May 2026

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोलियम उत्पादों की बचत और सतत परिवहन को बढ़ावा देने की अपील का असर अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी दिखाई देने लगा है। संजय गाँधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के निदेशक राधा कृष्णा धीमान ने गुरुवार को अपने आवास से कार्यालय तक साइकिल चलाकर एक नई पहल की शुरुआत की। इसके साथ ही निदेशक ने वीडियो जारी कर सभी लोगों से अपील की की वे ईंधन का इस्तेमाल काम से काम करें। 

 

जानकारी के अनुसार यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए की गई अपील के अनुरूप शुरू की गई है। सरकार की ओर से सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग, साइकिलिंग और पैदल चलने को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।

 

प्रोफेसर धीमन ने कहा कि इस अभियान के पहले चरण में संस्थान के संकाय सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों, कर्मचारियों और छात्रों को परिसर के भीतर और आसपास मोटर वाहनों के अनावश्यक उपयोग से बचने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, लोगों को साइकिल और पैदल चलने को प्राथमिकता देनी चाहिए।

 

पेट्रोलियम उत्पादों की बचत और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए SGPGI का बड़ा कदम।
अब परिसर में मोटर वाहनों का उपयोग कम करने और पैदल व साइकिल संस्कृति को बढ़ावा देने की तैयारी।
निदेशक आर के धीमन ने इसे दीर्घकालिक अभियान बताया।#sgpgi #lucknow pic.twitter.com/Z1vSUhYZiF

— NDV TODAY (@NdvToday) May 14, 2026

 

उन्होंने बताया कि संस्थान परिसर में इस पहल को बढ़ावा देने के लिए सात से आठ साइकिल स्टैंड स्थापित करने की योजना तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों और छात्रों को साइकिल उपयोग के लिए सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराना है।

 

प्रोफेसर धीमन ने कहा कि वाहनों पर निर्भरता कम करने से न केवल पेट्रोलियम उत्पादों की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नियमित रूप से साइकिल चलाने और पैदल चलने से लोगों की शारीरिक फिटनेस और स्वास्थ्य में सुधार आएगा।

 

उन्होंने विशेष रूप से उन कर्मचारियों से अपील की जो संस्थान से तीन से चार किलोमीटर के दायरे में रहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग दैनिक आवागमन के लिए मोटर वाहनों के बजाय साइकिल या पैदल चलने को अपनाएं। इसके साथ ही उन्होंने कारपूलिंग को भी बढ़ावा देने की बात कही ताकि परिसर में वाहनों की संख्या और ट्रैफिक दबाव को कम किया जा सके।

 

एसजीपीजीआई को “ग्रीन कैंपस” बताते हुए प्रोफेसर धीमन ने कहा कि संस्थान पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को लगातार आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते, वह स्वयं साइकिल से ही कार्यालय आते रहेंगे ताकि समाज में ऊर्जा बचत और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश जा सके।