प्रतापगढ़ कस्टोडियल डेथ: सपा प्रतिनिधिमंडल के दौरे से पहले विधायक हाउस अरेस्ट

26 Sep 2026

प्रतापगढ़, 26 सितंबर। प्रतापगढ़ के पट्टी थाना क्षेत्र के मोलनापुर निवासी शैलेश गौतम उर्फ अर्जुन की पुलिस हिरासत में हुई मौत का मामला लगातार चर्चा में है। समाजवादी पार्टी ने मामले की जानकारी लेने और मृतक के परिजनों से मुलाकात के लिए 26 सितंबर को 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के मोलनापुर पहुंचने का कार्यक्रम तय किया था। इस प्रतिनिधिमंडल में अंबेडकरनगर के आलापुर विधायक त्रिभुवन दत्त भी शामिल थे। शनिवार को अकबरपुर पुलिस ने त्रिभुवन दत्त को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया। उनके आवास पर पुलिस बल तैनात किया गया।

मामला 21 सितंबर को सामने आया था, जब पट्टी कोतवाली परिसर में शैलेश गौतम उर्फ अर्जुन की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार युवक ने कोतवाली के शौचालय में फंदा लगाकर आत्महत्या की। दूसरी ओर, मृतक के परिजनों ने पुलिस हिरासत के दौरान मारपीट किए जाने और उसकी वजह से मौत होने का आरोप लगाया। इन अलग-अलग दावों के बीच मामले की जांच जारी है।

समाजवादी पार्टी की ओर से गठित 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को 26 सितंबर को मोलनापुर पहुंचकर शैलेश गौतम के परिजनों से मुलाकात करनी थी। पार्टी की ओर से बताया गया कि प्रतिनिधिमंडल घटना की जानकारी लेने के बाद अपनी रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को सौंपेगा। प्रतिनिधिमंडल में प्रतापगढ़ के सांसद डॉ. एसपी सिंह पटेल, कौशांबी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज, आलापुर विधायक त्रिभुवन दत्त, केराकत विधायक तूफानी सरोज, रानीगंज विधायक डॉ. आरके वर्मा और पट्टी विधायक राम सिंह पटेल समेत अन्य नेता शामिल हैं।

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इस प्रतिनिधिमंडल के दौरे से पहले आलापुर विधायक त्रिभुवन दत्त को पुलिस ने उनके आवास पर हाउस अरेस्ट किया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार उनके आवास पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।

मोलनापुर निवासी शैलेश गौतम उर्फ अर्जुन की मौत 21 सितंबर को पट्टी कोतवाली परिसर में हुई थी। पुलिस के अनुसार वह एक किशोरी से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए कोतवाली लाया गया था। पुलिस का कहना है कि वह कोतवाली के शौचालय गया और वहां फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों को घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर वरिष्ठ अधिकारी और फोरेंसिक टीम पहुंची थी। युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और मामले में आगे की कार्रवाई शुरू की गई।

परिजनों ने पुलिस के घटनाक्रम से अलग आरोप लगाए। उनका कहना है कि युवक की पुलिस हिरासत में पिटाई की गई और इसी दौरान उसकी मौत हुई। यह आरोप जांच का हिस्सा हैं और इनके संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

घटना के बाद प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने पट्टी कोतवाल आनंद पाल सिंह और मामले के विवेचक उपनिरीक्षक ओंकार सिंह को निलंबित कर दिया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार प्रारंभिक जांच में ड्यूटी के दौरान लापरवाही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है।

जिलाधिकारी की ओर से मामले में मजिस्ट्रियल जांच की संस्तुति किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस की ओर से मामले से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित किए जाने की बात भी रिपोर्टों में कही गई है।

शैलेश गौतम की मौत के कारण को लेकर पुलिस और परिवार के आरोप अलग हैं। पुलिस के अनुसार युवक ने कोतवाली परिसर के शौचालय में फंदा लगाकर आत्महत्या की। वहीं, परिवार की ओर से पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया गया है।

इस तरह मामले में घटना की परिस्थितियां और पुलिस हिरासत के दौरान हुई गतिविधियां जांच के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिसकर्मियों के निलंबन के साथ विभागीय जांच और मजिस्ट्रियल जांच की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।

रिपोर्टों के अनुसार शैलेश गौतम पर एक किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने से संबंधित मामला दर्ज था। पुलिस ने किशोरी को बरामद करने के बाद शैलेश से पूछताछ की थी। इसी मामले से जुड़ी कार्रवाई के दौरान उसे पट्टी कोतवाली लाया गया था।

रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि किशोरी के दोबारा लापता होने के बाद अगस्त में एक और मामला दर्ज किया गया था। बाद में किशोरी बरामद हुई और पुलिस ने मामले की जांच के क्रम में शैलेश से पूछताछ की।

सपा की ओर से 26 सितंबर को प्रस्तावित प्रतिनिधिमंडल के दौरे का उद्देश्य मृतक के परिवार से मुलाकात करना और घटना की जानकारी लेना बताया गया था। प्रतिनिधिमंडल को स्थानीय स्तर पर मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी लेकर पार्टी प्रदेश कार्यालय को रिपोर्ट सौंपनी थी।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं में सांसदों और विधायकों के अलावा पार्टी के अन्य पदाधिकारी और पूर्व जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं। इस सूची में आलापुर विधायक त्रिभुवन दत्त का नाम भी है।