महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर संसद में जारी टकराव के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हालिया घटनाक्रम ने सरकार की नीतियों की वास्तविकता उजागर कर दी है और इसे एनडीए के लिए ‘काला दिन’ बताया।
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन से जुड़ी बातों को आगे बढ़ाया जा रहा था, जिसे विपक्ष ने स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने और संघीय ढांचे को प्रभावित करने की कोशिश संसद में सफल नहीं हो पाई।
उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम सरकार के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका है और इससे यह स्पष्ट हो गया है कि उसकी रणनीति अब प्रभावी नहीं रही। प्रियंका गांधी के अनुसार, देश की महिलाएं अब पहले से अधिक जागरूक हैं और वे केवल प्रचार से प्रभावित नहीं होंगी।
कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि इसके क्रियान्वयन में कोई तकनीकी बाधा है, तो उसे संशोधन के माध्यम से दूर किया जा सकता है।
प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे की आड़ में परिसीमन योजना को समर्थन देना संभव नहीं है। उनके अनुसार, यदि सरकार वास्तव में इस विषय पर गंभीर है, तो उसे तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकसभा में जो घटनाक्रम हुआ, वह लोकतंत्र और विपक्षी एकता की जीत के रूप में देखा जा सकता है।
कल लोकतंत्र की एक बड़ी जीत हुई है।
— Congress (@INCIndia) April 18, 2026
मोदी सरकार ने लोकतंत्र को कमजोर करने और संघीय ढांचे को बदलने की साजिश की थी, जिसे हमने हरा दिया।
ये संविधान की जीत है, देश की जीत है, विपक्ष की एकता की जीत है- जो सत्ता पक्ष के नेताओं के चेहरे पर साफ दिख रही थी।
: कांग्रेस महासचिव व सांसद… pic.twitter.com/HtfKtA5iuA