पीडब्ल्यूडी में तबादले के बाद ज्वाइन नहीं किया तो 7 सितंबर से वेतन बंद

05 Sep 2026

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने स्थानांतरण के बाद नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले अभियंताओं के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विभाग के आदेश के अनुसार, जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है और जो नई पोस्टिंग पर ज्वाइन नहीं करते हैं, उनका वेतन 7 सितंबर 2026 से जारी नहीं किया जाएगा

यह मामला 21 अगस्त को किए गए तबादलों से जुड़ा है। उस समय विभाग में 19 अधिशासी अभियंताओं और दो सहायक अभियंताओं का स्थानांतरण किया गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनमें से आधे से अधिक अधिकारियों ने अब तक अपने नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। इसके बाद विभाग ने स्थानांतरण आदेशों के अनुपालन को लेकर यह निर्देश जारी किया है। लोक निर्माण विभाग की ओर से 21 अगस्त को 19 अधिशासी अभियंताओं और दो सहायक अभियंताओं के तबादले किए गए थे। इन स्थानांतरणों में सिविल और विद्युत दोनों संवर्गों से जुड़े अधिकारी शामिल हैं।

स्थानांतरण के साथ संबंधित अधिकारियों को नई जगह पदस्थापित किया गया था। विभाग की ओर से अब स्पष्ट किया गया है कि तबादले के बाद अधिकारियों को नई पोस्टिंग पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। जो अधिकारी ऐसा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। विभाग के निर्देश के मुताबिक संबंधित अधिकारियों को उनके वर्तमान कार्यस्थलों से कार्यमुक्त करने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जानी है, ताकि वे नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण कर सकें।

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विभाग के आदेश में कहा गया है कि स्थानांतरण और पदस्थापन के बाद यदि संबंधित अधिकारी नई जगह पर कार्यभार ग्रहण नहीं करता है, तो उसका वेतन 7 सितंबर 2026 से जारी नहीं किया जाएगा। इसके लिए संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यानी वेतन जारी करने से जुड़ी प्रक्रिया में जिम्मेदार अधिकारियों को विभागीय आदेश के अनुसार कार्रवाई करनी होगी। इस निर्देश का सीधा संबंध उन अभियंताओं से है जिनका स्थानांतरण हो चुका है, लेकिन उन्होंने नई पोस्टिंग पर अभी तक ज्वाइन नहीं किया है।

ताजा आदेश में स्थानांतरण से जुड़े अधिशासी अभियंताओं और सहायक अभियंताओं को शामिल किया गया है। इनमें सिविल के साथ-साथ विद्युत संवर्ग के संबंधित अधिकारी भी हैं। विभाग ने स्थानांतरण आदेशों के अनुपालन के लिए वर्तमान तैनाती वाले स्थानों से अधिकारियों को कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। इस व्यवस्था के तहत तबादले के बाद पुरानी तैनाती पर बने रहने और नई पोस्टिंग पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने की स्थिति में वेतन रोकने का प्रावधान लागू किया जाएगा।

विभागीय स्तर पर सामने आए इस मामले में 21 अगस्त को स्थानांतरित किए गए 21 अभियंताओं में से आधे से अधिक के अब तक नई पोस्टिंग पर ज्वाइन नहीं करने की बात कही गई है। इसी वजह से विभाग ने मौजूदा मामले में कार्रवाई के साथ-साथ भविष्य में सामने आने वाले ऐसे मामलों के लिए भी प्रक्रिया को प्रभावी रखने की बात कही है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस तरह के मामलों में स्थानांतरण आदेश के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए यह प्रक्रिया आगे भी लागू रहेगी।

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लोक निर्माण विभाग के इस निर्देश का मुख्य प्रशासनिक बिंदु स्थानांतरण आदेश के समयबद्ध अनुपालन से जुड़ा है। स्थानांतरण और पदस्थापन आदेश जारी होने के बाद संबंधित अधिकारी को नई जगह कार्यभार ग्रहण करना है। मौजूदा मामले में विभाग ने इसके लिए 7 सितंबर 2026 की तारीख को महत्वपूर्ण बनाया है। इस तारीख से उन अधिकारियों का वेतन जारी नहीं किया जाएगा जो स्थानांतरण के बाद नई पोस्टिंग पर कार्यभार ग्रहण नहीं करते हैं।

विभाग ने इस संबंध में संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लोक निर्माण विभाग में कुछ अभियंताओं के तबादले के बाद भी नई पोस्टिंग पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने की स्थिति सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, तबादला आदेश के बाद कुछ अभियंता तबादला रुकवाने के प्रयासों में लगे रहते हैं और इस दौरान नई जगह ज्वाइन करने से बचते हैं।

ऐसी स्थिति में स्थानांतरण आदेश के क्रियान्वयन में देरी होती है। दिए गए विवरण के अनुसार, दिल्ली से केंद्रीय लोक निर्माण विभाग में तबादले से जुड़े मामलों में भी इस तरह की समस्या सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में किसी विशेष अधिकारी के खिलाफ व्यक्तिगत रूप से किसी अनियमितता या अन्य कार्रवाई का विवरण नहीं दिया गया है। विभाग की मौजूदा कार्रवाई स्थानांतरण के बाद नई पोस्टिंग पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने की स्थिति से संबंधित है।

विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया केवल मौजूदा मामले तक सीमित नहीं रहेगी। भविष्य में भी यदि स्थानांतरण के बाद संबंधित अधिकारी नई पोस्टिंग पर कार्यभार ग्रहण नहीं करता है, तो इसी तरह की कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसका उद्देश्य स्थानांतरण आदेशों का समय पर अनुपालन सुनिश्चित करना है। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को कार्यमुक्त करने और नई तैनाती पर ज्वाइनिंग सुनिश्चित करने की दिशा में निर्देश दिए हैं।