शीशमहल से टूटी छवि: राघव चड्ढा ने आप की हार की बताई बड़ी वजह

25 Apr 2026

राघव चड्ढा (फाइल फोटो)

 

दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की हार के 14 महीने बाद राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी नेतृत्व और नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी छोड़ने के बाद पहली बार उन्होंने सार्वजनिक रूप से हार के कारणों पर बयान देते हुए ‘शीशमहल’ विवाद को प्रमुख वजह बताया है।

 

मीडिया से बातचीत में राघव चड्ढा ने कहा कि दिल्ली चुनाव में पार्टी की हार के पीछे सबसे बड़ा कारण शीशमहल से जुड़ा विवाद रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे ने पार्टी की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया। चड्ढा ने कहा कि पहले शीशमहल पार्ट-1 से पार्टी उबर नहीं पाई थी और अब शीशमहल पार्ट-2 सामने आ गया है, जिसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं। उनका मानना है कि इस तरह के मामलों से जनता के बीच गलत संदेश गया और पार्टी की साख कमजोर हुई।

 

उन्होंने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व पर अप्रत्यक्ष निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को इस पूरे मामले पर गंभीर आत्ममंथन करना चाहिए। चड्ढा के अनुसार, पार्टी के कार्यकर्ताओं के सामने अब जवाब देना मुश्किल हो गया है कि इस तरह के आरोपों और विवादों के बीच वे जनता के बीच किस तरह अपनी बात रखें। राघव चड्ढा ने कहा कि चुनाव खत्म हुए अभी एक साल भी नहीं हुआ है और नया शीशमहल विवाद सामने आ गया। उन्होंने इसे पार्टी के लिए चिंताजनक बताते हुए कहा कि लगातार ऐसे मामलों से संगठन कमजोर होता है।

 

आप छोड़ने और भाजपा में शामिल होने को लेकर उठ रहे सवालों पर चड्ढा ने कहा कि पार्टी छोड़ने का निर्णय डर की वजह से नहीं, बल्कि निराशा के कारण लिया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी में अब ईमानदार लोगों के लिए काम करने की जगह नहीं बची है और कई नेता पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं। चड्ढा ने कहा कि भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए संवैधानिक प्रावधान सांसदों को यह अधिकार देते हैं कि यदि पार्टी गलत दिशा में जाए तो वे उससे अलग हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि कई सांसद पार्टी से अलग होने की प्रक्रिया में हैं, क्योंकि पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है।

 

अपने बयान में चड्ढा ने स्पष्ट किया कि पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। उन्होंने कहा: जो लोग कह रहे हैं कि हम डर की वजह से पार्टी से चले गए, वे गलत हैं। हम डरकर नहीं गए, दुखी होकर गए हैं।