राहुल गांधी पर बढ़ीं कानूनी चुनौतियां, आय से अधिक संपत्ति मामले में 12 मई को हाईकोर्ट में सुनवाई

07 May 2026

 

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गाँधी की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दोहरी नागरिकता विवाद के बाद अब उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को लेकर दाखिल याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच 12 मई को सुनवाई करेगी। अदालत इस बात पर विचार करेगी कि याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं।

 

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति जफर अहमद की पीठ ने यह आदेश कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दायर याचिका पर दिया। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी और उनके परिवार के पास ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति है, जिसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए।

 

यह याचिका पिछले वर्ष 25 अप्रैल को दायर की गई थी। याचिका में केंद्र सरकार, सीबीआई, ईडी, सीबीडीटी, उत्तर प्रदेश पुलिस और एसएफआईओ के निदेशक को प्रतिवादी बनाया गया है। अदालत ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान कहा कि अगली तारीख पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी, जिसके बाद यह तय किया जाएगा कि मामले में आगे की कार्यवाही की आवश्यकता है या नहीं।

 

मामले की सुनवाई बुधवार को हुई, हालांकि देर शाम तक आदेश अदालत की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया था। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में यह भी कहा गया कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए ताकि तथ्यों की पारदर्शी तरीके से पुष्टि हो सके।

 

इसी बीच राहुल गांधी के खिलाफ दोहरी नागरिकता का मामला भी चर्चा में बना हुआ है। इस मामले में याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि राहुल गांधी के पास भारत के साथ-साथ ब्रिटेन की नागरिकता भी है। भारतीय कानून के अनुसार दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है। सिटीजनशिप एक्ट 1955 के तहत यदि कोई भारतीय नागरिक किसी अन्य देश की नागरिकता ग्रहण करता है, तो उसे भारतीय नागरिकता छोड़नी होती है।

 

दोहरी नागरिकता से जुड़े मामले में अदालत ने पहले कहा था कि लगाए गए आरोपों को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया था कि वह स्वयं या किसी सक्षम जांच एजेंसी के माध्यम से आरोपों की सत्यता की जांच कराए।

 

फिलहाल आय से अधिक संपत्ति मामले में 12 मई को होने वाली सुनवाई पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजरें टिकी हुई हैं। अदालत की अगली कार्यवाही के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में विस्तृत जांच की दिशा में कोई कदम उठाया जाएगा या नहीं।