कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने मंगलवार को रायबरेली दौरे के दौरान केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और संविधान की सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने दावा किया कि देश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है और आने वाले महीनों में महंगाई का असर और अधिक दिखाई देगा।
रायबरेली के बछरावां विधानसभा क्षेत्र स्थित ठकुराइन खेड़ा गांव में सांसद निधि से निर्मित बारातघर के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे राहुल गांधी ने कहा कि पेट्रोल-डीजल समेत रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है और जनता आर्थिक दबाव का सामना कर रही है। उनके अनुसार सरकार जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में दावा किया कि देश एक बड़े आर्थिक संकट की तरफ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले तीन से चार महीनों में लोगों को ऐसी महंगाई देखने को मिलेगी, जैसी पहले कभी नहीं देखी गई। उन्होंने कहा कि गैस, धान और खाद्य तेल जैसी आवश्यक वस्तुओं के दामों में और वृद्धि हो सकती है। राहुल गांधी ने लोगों से आने वाले समय में बढ़ती कीमतों पर ध्यान देने की बात कही।
कांग्रेस नेता ने संविधान की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि केवल नारों से काम नहीं चलेगा और वर्तमान समय में देश के संविधान की रक्षा सबसे बड़ी आवश्यकता है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और उससे जुड़े संगठन संवैधानिक व्यवस्थाओं को कमजोर करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के नियम-कानूनों और संस्थागत ढांचे पर असर पड़ा है।
राहुल गांधी ने कहा कि सिर्फ खोखले नारों से कुछ नहीं होने वाला है, आज सबसे बड़ी जरूरत इस देश के संविधान की रक्षा करने की है. उन्होंने आरोप लगाया, 'आपका प्रधानमंत्री, गृह मंत्री अमित शाह और इनका पूरा संगठन गद्दार है. इन लोगों ने देश के संविधान को बेचने का काम किया है. मोदी, अमित शाह और आरएसएस ने मिलकर संविधान के सारे नियम-कानूनों को खत्म कर दिया है.'
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने देश की आर्थिक व्यवस्था को लेकर भी केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की आर्थिक संरचना बड़े उद्योगपतियों और विदेशी प्रभाव के हवाले की जा रही है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री के हालिया आर्थिक संदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार आम लोगों को निवेश और खरीदारी को लेकर अलग-अलग सलाह दे रही है।