रेलवे सुरक्षा पर बड़ा मंथन, ट्रेनों पर पत्थरबाजी रोकने और ट्रैक सुरक्षा के लिए बनी नई रणनीति

07 Aug 2026

उत्तर प्रदेश राजकीय रेलवे पुलिस मुख्यालय, लखनऊ में शुक्रवार को राज्य स्तरीय रेलवे सुरक्षा समिति की 12वीं समीक्षा गोष्ठी ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक रेलवे, उत्तर प्रदेश, श्री प्रकाश डी. ने की। गोष्ठी में रेल यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे परिसंपत्तियों की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और आधुनिक तकनीक के उपयोग सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में रेलवे, जीआरपी और रेलवे सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों की समीक्षा करते हुए आपसी समन्वय को और मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श किया।

समीक्षा बैठक के दौरान रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं की रोकथाम, रेलवे ट्रैक पर अवरोध पैदा करने वाली घटनाओं को रोकने, जीआरपी और आरपीएफ द्वारा संयुक्त रूप से ट्रैक पेट्रोलिंग, सुरक्षा ढांचे के सुदृढ़ीकरण तथा आधुनिक तकनीक के अधिक उपयोग पर चर्चा की गई इसके अलावा रेलवे कर्मियों और संविदा कर्मचारियों के अनिवार्य पुलिस सत्यापन तथा पहचान पत्र धारण करने की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया गया।

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बैठक में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। अधिकारियों ने रेल यात्रियों की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक को सुरक्षा तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने पर सहमति व्यक्त की। साथ ही अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी निगरानी और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।

बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक रेलवे श्री प्रकाश डी. ने कहा कि भारतीय रेलवे देश की जीवनरेखा है और इसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने रेलवे सुरक्षा से जुड़ी सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को आवश्यक बताया।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में ट्रेनों, यात्रियों, रेलवे स्टेशनों और प्लेटफार्मों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है, जबकि पिछले 25 वर्षों के दौरान जीआरपी की जनशक्ति और आधारभूत ढांचे में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई।

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बैठक में डीजीपी रेलवे ने सुझाव दिया कि रेलवे की बड़ी परियोजनाओं की डीपीआर तैयार करते समय ही सुरक्षा संबंधी आवश्यक प्रावधानों को शामिल किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि जीआरपी की जनशक्ति, आधारभूत ढांचे, बजट और तकनीकी संसाधनों में वृद्धि होती है तो इससे पुलिस की कार्यक्षमता और गुणवत्ता बेहतर होगी। साथ ही आम जनता का विश्वास भी मजबूत होगा तथा अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

बैठक में पुलिस महानिरीक्षक रेलवे आर.के. भारद्वाज, पुलिस अधीक्षक रेलवे लखनऊ अनिल मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक एवं स्टाफ अधिकारी अनिल कुमार सहित रेलवे सुरक्षा बल के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त, विभिन्न रेलवे जोनों के मुख्य ट्रैक अभियंता, डीएफसीसीआईएल तथा अन्य रेलवे, जीआरपी और आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।