राम मंदिर मामले में सीबीआई जांच की मांग, संजय सिंह ने एसआईटी की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

30 Jun 2026

आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर एक बार फिर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को निशाने पर लिया। मंगलवार को जारी बयान में उन्होंने पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग करते हुए राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।

 

संजय सिंह ने दावा किया कि उन्होंने वर्ष 2021 में इस मामले से संबंधित शिकायत दर्ज कराई थी और हाल ही में कथित भूमि सौदों तथा अन्य दस्तावेज भी जांच एजेंसी को उपलब्ध कराए हैं। उनका आरोप है कि इन दावों के बावजूद अब तक संबंधित मामलों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

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आप सांसद ने कहा कि जिन लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वे ऐसे तंत्र का हिस्सा रहे हैं जिसकी नियुक्तियां प्रधानमंत्री कार्यालय की सहमति से हुई थीं। इसी आधार पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन गठित SIT इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच की मौजूदा प्रक्रिया केवल औपचारिकता तक सीमित है और स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।

अपने बयान में संजय सिंह ने अयोध्या अधिवक्ता संघ का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि संघ ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार का निर्णय लिया है और उनके मामलों की पैरवी नहीं करने की घोषणा की है। उन्होंने इसे स्थानीय स्तर पर बढ़ते असंतोष का संकेत बताया। हालांकि, इस संबंध में अधिवक्ता संघ की ओर से जारी किसी स्वतंत्र आधिकारिक दस्तावेज या संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया बयान में शामिल नहीं थी।

संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने 2021 में अयोध्या कोतवाली में लिखित शिकायत दी थी। उनका दावा है कि हाल के दिनों में उन्होंने कथित 13 भूमि सौदों से जुड़े दस्तावेज भी जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

आप सांसद ने उत्तर प्रदेश सरकार से यह भी पूछा कि यदि कथित अनियमितताएं पिछले कई वर्षों से हो रही थीं तो इस दौरान कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफे पूरे मामले का समाधान नहीं हैं और व्यापक जांच की आवश्यकता है।