राम मंदिर दानपात्र विवाद में आया नया मोड़, छापेमारी में मिले लाखों रुपये

13 Jun 2026

 

अयोध्या जिले के रुदौली क्षेत्र के मीनापुर ठकुरन फगौली गांव में राम मंदिर दानपात्र से कथित धन गबन के मामले में जांच के दौरान बड़ी कार्रवाई की गई। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में हुई छापेमारी में आरोपी लवकुश मिश्रा के घर से 10 से 12 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। मामले में बरामद धनराशि के स्रोत और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है।

 

जानकारी के अनुसार, 27 वर्षीय लवकुश मिश्रा राम मंदिर में कर्मी के रूप में कार्यरत रहा है। उस पर दानपात्र में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई धनराशि के कथित गबन का आरोप है। इसी मामले में जांच एजेंसियों ने उसके घर पर कार्रवाई की। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने कुछ धनराशि घर के अलावा अन्य स्थानों से भी बरामद की है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

 

आरोपी के पिता बच्चूलाल ने दावा किया कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े तीन-चार लोग उनके घर पहुंचे और ताला तोड़कर नकदी अपने साथ ले गए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस रकम की जानकारी नहीं थी क्योंकि वे गाजियाबाद में रह रहे थे। उन्होंने कहा, "मेरा बेटा पिछले पांच-छह महीने से राम मंदिर में काम कर रहा था। उसे वहां रवि मिश्रा ने नौकरी दिलवाई थी। रवि मिश्रा हमारे समधी हैं। निर्माणाधीन मकान और जमीन से मेरे बेटे का कोई लेना-देना नहीं है।"

 

बच्चूलाल ने कहा कि फैजाबाद में निर्माणाधीन मकान का उनके बेटे से कोई संबंध नहीं है। उनके अनुसार, मकान निर्माण के लिए उन्होंने अपनी 10 से 12 बीघा कृषि भूमि गिरवी रखी है और यह जमीन काफी पहले खरीदी गई थी। ग्रामीणों के मुताबिक, लवकुश मिश्रा पहले कार मिस्त्री के रूप में काम करता था। राम मंदिर में नौकरी मिलने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति में तेजी से बदलाव आया, जिसके चलते गांव में विभिन्न तरह की चर्चाएं होती रही थीं।