राम मंदिर चढ़ावा जांच में नया मोड़, बैंक ऑफ बड़ौदा को पुलिस का नोटिस; ऑनलाइन दान खाते की भी हुई पड़ताल

30 Jun 2026

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले की जांच के बीच अयोध्या पुलिस ने बैंक ऑफ बड़ौदा की स्थानीय शाखा को नोटिस जारी कर कुछ बैंक खातों की जानकारी मांगी है। जांच के दौरान मंदिर ट्रस्ट के ऑनलाइन दान खाते और चढ़ावे की बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ी कई जानकारियां भी सामने आई हैं।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने बैंक ऑफ बड़ौदा की अयोध्या शाखा को नोटिस देकर प्राथमिकी एफआईआर में उल्लिखित कुछ व्यक्तियों के खातों का विवरण उपलब्ध कराने को कहा था। बैंक ने पुलिस को लिखित जवाब भी भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार, बैंक ऑफ बड़ौदा में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का एक ऐसा खाता संचालित है, जिसमें केवल ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त दान राशि जमा होती है। श्रद्धालुओं द्वारा क्यूआर कोड या अन्य डिजिटल माध्यमों से किए गए भुगतान इसी खाते में जमा किए जाते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस खाते में नकद चढ़ावे का कोई लेन-देन नहीं होता। बैंक कर्मचारियों की मंदिर परिसर में नकदी संग्रह या गिनती की प्रक्रिया में भी कोई भूमिका नहीं है।

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सूत्रों के अनुसार, मंदिर में प्राप्त कुल चढ़ावे का लगभग 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन माध्यम से बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक के खातों में जमा होता है। शेष राशि भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से संचालित होती है। बताया गया कि एसबीआई ट्रस्ट का मुख्य बैंक है और नकद चढ़ावे के प्रबंधन के लिए आउटसोर्स कैशियर की व्यवस्था भी इसी बैंक के माध्यम से संचालित होती है।

सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के गठन के बाद से नियमित दिनों में मंदिर में हर महीने औसतन एक करोड़ से डेढ़ करोड़ रुपये तक का चढ़ावा प्राप्त होता है। विशेष अवसरों, अवकाश और बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान ऑनलाइन दान की राशि बढ़कर चार से पांच करोड़ रुपये प्रति माह तक पहुंचने की बात भी सामने आई है।

जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट समय-समय पर आवश्यकता के अनुसार चेक के माध्यम से राशि निकालता है। बड़े भुगतान से पहले अधिकृत अधिकारियों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन किया जाता है।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने एफआईआर में उल्लिखित कुछ व्यक्तियों के बैंक खातों का विवरण मांगा था। इनमें अविनाश शुक्ला और मनीष यादव के खाते शामिल बताए गए हैं। साथ ही सुप्रिया मिश्रा नाम की एक महिला के खाते के संबंध में भी जानकारी मांगी गई थी।

बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने जवाब में पुलिस को बताया कि उसकी अयोध्या शाखा में अविनाश शुक्ला और मनीष यादव के खाते मौजूद हैं, जबकि सुप्रिया मिश्रा के नाम से इस शाखा में कोई खाता नहीं मिला।

सूत्रों के अनुसार, बैंक ने यह भी बताया कि मनीष यादव के खाते में लगभग 1,400 रुपये की शेष राशि थी और पिछले कुछ महीनों से खाते में कोई उल्लेखनीय लेन-देन दर्ज नहीं हुआ।

सूत्रों के मुताबिक, बैंक ऑफ बड़ौदा की अयोध्या शाखा में ट्रस्ट के ऑनलाइन दान खाते के अलावा ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों के व्यक्तिगत खाते भी हैं। इनमें से एक खाते के संबंध में बताया गया कि वह लंबे समय से सक्रिय नहीं है। वहीं एक अन्य खाते से कुछ महीने पहले वाहन खरीद के लिए बैंक से ऋण लिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन खातों को वर्तमान जांच से सीधे जोड़ने संबंधी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।