राम मंदिर ट्रस्ट में पहली बार बना सचिव का पद, आईआईटी से पढ़े इंजीनियर जगदीश आफले संभालेंगे बड़ी जिम्मेदारी

30 Jul 2026

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने गठन के बाद पहली बार सचिव पद पर नियुक्ति कर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है। ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण परियोजना से लंबे समय से जुड़े इंजीनियर जगदीश आफले को अपना पहला सचिव नियुक्त किया है। आईआईटी बॉम्बे से उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके आफले अब ट्रस्ट के प्रशासनिक संचालन, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और वित्तीय प्रक्रियाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे। हालांकि उनकी नियुक्ति पर अंतिम मुहर ट्रस्ट की कार्यकारी समिति की 2 सितंबर को प्रस्तावित बैठक में लगेगी।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की स्थापना के बाद से अब तक सचिव का कोई अलग पद नहीं था। ऐसे में पहली बार इस पद का सृजन और उस पर नियुक्ति को ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सचिव के रूप में जगदीश आफले मंदिर ट्रस्ट के दैनिक प्रशासनिक कार्यों की निगरानी करेंगे। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने, निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन और वित्तीय प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी भी उनके पास होगी।

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जगदीश आफले ने आईआईटी बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक की पढ़ाई की है। वे पिछले कई वर्षों से श्रीराम मंदिर निर्माण परियोजना से जुड़े रहे हैं और मंदिर निर्माण के तकनीकी एवं प्रशासनिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।

मंदिर निर्माण की विभिन्न व्यवस्थाओं और परियोजना के संचालन का अनुभव होने के कारण ट्रस्ट ने उन्हें इस नई जिम्मेदारी के लिए चुना है। उनका संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी रहा है।

सचिव बनने के बाद आफले मंदिर ट्रस्ट के नियमित प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने का कार्य करेंगे। इसके अलावा वित्तीय प्रक्रियाओं की निगरानी, प्रशासनिक निर्णयों के क्रियान्वयन और व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। ट्रस्ट का उद्देश्य मंदिर से जुड़े प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना बताया जा रहा है।

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में श्रीराम मंदिर में प्राप्त दान को लेकर कुछ सवाल उठे थे। इसी पृष्ठभूमि में ट्रस्ट प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं व्यवस्थित करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

हालांकि ट्रस्ट की ओर से नियुक्ति को किसी विवाद से जोड़कर आधिकारिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की गई है। अंतिम स्वीकृति ट्रस्ट की कार्यकारी समिति की 2 सितंबर को होने वाली बैठक में दी जाएगी।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद श्रीराम मंदिर के निर्माण, संचालन और प्रबंधन के लिए किया गया था। ट्रस्ट मंदिर निर्माण के साथ-साथ प्रशासनिक, धार्मिक और वित्तीय व्यवस्थाओं का संचालन भी करता है। अब पहली बार सचिव पद की नियुक्ति से ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को नया स्वरूप मिलने की उम्मीद है।