रामनगर में बाढ़ पीड़ितों को राहत, केपी तिवारी ने पांच सौ लोगों को बांटी खाद्य सामग्री

14 Sep 2026

रामनगर क्षेत्र में बाढ़ और नदी कटान से प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया गया। सोमवार को भाजपा नेता और समाजसेवी केपी तिवारी ने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की और करीब 500 लोगों को खाद्य सामग्री की किट वितरित की। किट में लइया, बिस्कुट और नमकीन शामिल थे।

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राहत वितरण के दौरान उन्होंने सबसे पहले नदी की कटान के कारण बेघर हुए उन परिवारों से मुलाकात की, जो बाढ़ शरणालय में रह रहे हैं। प्रभावित परिवारों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के बाद उन्होंने क्षेत्र के अन्य बाढ़ प्रभावित गांवों का भी दौरा किया। नदी की कटान के कारण जिन परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है, उनमें कई परिवार बाढ़ शरणालय में रह रहे हैं। केपी तिवारी ने शरणालय पहुंचकर वहां रह रहे प्रभावित परिवारों से बातचीत की और उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली।

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बातचीत के दौरान ग्रामीणों ने विस्थापन के साथ-साथ भोजन, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यकताओं से जुड़ी समस्याएं बताईं। जलभराव और नदी कटान के चलते प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है। शरणालय में रह रहे परिवारों के बीच खाद्य सामग्री भी वितरित की गई। इसके बाद आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाई गई।

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राहत वितरण के दौरान हेतमापुर, बेलहरी, बाबापुरवा और सुंदरनगर गांव के करीब 500 बाढ़ पीड़ितों को खाद्य सामग्री की किट दी गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन किटों में लइया, बिस्कुट और नमकीन शामिल थे। राहत सामग्री का वितरण बाढ़ प्रभावित लोगों की तत्काल खाद्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया। इस दौरान प्रभावित ग्रामीणों से उनकी समस्याओं और जरूरतों के बारे में भी जानकारी ली गई।

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बाढ़ शरणालय में रह रहे प्रभावित परिवारों ने बातचीत के दौरान जलभराव और नदी कटान के कारण उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी दी। घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर रहने वाले ग्रामीणों ने विस्थापन के अलावा भोजन, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सामने रखीं। राहत वितरण के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान और सुरक्षित विस्थापन को लेकर प्रशासनिक अमले के साथ भी चर्चा की गई।

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बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में प्रशासन की ओर से भी विभिन्न सेवाओं के लिए टीमें लगाई गई हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में पशुओं के टीकाकरण, स्वास्थ्य सेवाओं और राजस्व संबंधी कार्यों के लिए टीमें काम कर रही हैं। इसके अलावा राहत एवं बचाव दल भी प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं। प्रशासनिक स्तर पर प्रभावित लोगों की समस्याओं और सुरक्षित विस्थापन से जुड़े मामलों पर काम किया जा रहा है। बाढ़ और नदी कटान से प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित स्थानों पर रहने की व्यवस्था की गई है। इस दौरान स्थानीय स्तर पर राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।

राहत वितरण के दौरान केपी तिवारी ने कहा, “आपदा की घड़ी में जरूरतमंदों के साथ खड़ा होना ही सच्ची जनसेवा है। बाढ़ से प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उनकी जरूरत के अनुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रहेगा।”

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उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उनकी जरूरतों के अनुसार सहयोग का भरोसा दिलाया। राहत सामग्री वितरण के दौरान सभासद आशुतोष शुक्ला, पूर्व प्रधान बुढ़गौरा प्रमोद पाण्डेय, कन्हैया अवस्थी, अनमोल तिवारी, रविकांत पांडेय मोनू और पूर्व प्रधान राजकुमार मौजूद रहे।