श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर बृहस्पतिवार को रामनगर कस्बे में कन्हैया डोल की शोभायात्रा निकाली गई। धर्मशाला स्थित राम जानकी मंदिर से गाजे-बाजे के साथ शुरू हुई यह शोभायात्रा कस्बे की विभिन्न गलियों से होकर गुजरी। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल हुए।

शोभायात्रा के आगे और पीछे श्रद्धालुओं की टोलियां भक्ति गीतों और जयकारों के साथ चलती रहीं। युवाओं ने हाथों में भगवा पताका लेकर सहभागिता की। रास्ते में कई स्थानों पर लोगों ने कन्हैया डोल का स्वागत किया और भगवान श्रीकृष्ण की आरती उतारी। कन्हैया डोल कस्बे की छोटी-छोटी गलियों से होकर घर-घर पहुंचा। शोभायात्रा के दौरान स्थानीय लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की। लोगों ने फल, मिष्ठान और पुष्प अर्पित किए तथा आरती उतारी।

शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा भी की गई। इससे यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भागीदारी बनी रही। डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों के साथ युवाओं की टोलियां नृत्य करती हुई आगे बढ़ीं। भक्ति गीतों में ‘गोकुल की गलियों में मच गया शोर’, ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’, ‘गोविंदा आला रे’ और ‘सांवली सूरत पे मोहन दिल दीवाना हो गया’ जैसे गीत शामिल रहे। इन गीतों के बीच कस्बे में देर रात तक धार्मिक आयोजन का माहौल बना रहा।

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शोभायात्रा का एक प्रमुख हिस्सा कन्हैया डोल का कस्बे की गलियों और घरों तक पहुंचना रहा। जिन स्थानों से डोल गुजरा, वहां लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की और प्रसाद के रूप में फल तथा मिष्ठान अर्पित किए। लोगों ने परिवार के साथ पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। कई स्थानों पर आरती की गई। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ते रहे।

आयोजन के दौरान हारमोनियम और अन्य गाजे-बाजे भी शामिल रहे। भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालुओं की टोलियां चलती रहीं। ‘बड़ी देर भई नंदलाला’ और ‘अरे द्वारपालों, कन्हैया से कह दो’ समेत अन्य भक्ति गीत भी गाए गए। कन्हैया डोल की शोभायात्रा में घोड़ा पालकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कस्बे की गलियों से जब घोड़ा पालकी गुजरी तो उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटती रही।

शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु भजन और कीर्तन करते हुए आगे बढ़ते रहे। घोड़ा पालकी के साथ चल रहे श्रद्धालुओं और मार्ग में मौजूद लोगों के बीच धार्मिक उत्साह देखने को मिला। शोभायात्रा के दौरान डीजे पर भक्ति गीत भी बजाए गए। युवाओं की टोलियां इन गीतों पर नृत्य करती रहीं और जयकारे लगाते हुए यात्रा में शामिल हुईं।

कन्हैया डोल के दौरान कदिराबाद के सभासद आशुतोष शुक्ला ‘सोनू’ की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में शामिल श्रद्धालुओं को भोजन और प्रसाद वितरित किया गया। वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी केपी तिवारी और भाजपा महिला मोर्चा की जिला मंत्री कल्पना तिवारी ने पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं को पूड़ी-सब्जी, छोले-चावल और खीर का प्रसाद वितरित किया। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी।

कन्हैया डोल और भंडारे के आयोजन में क्षेत्र के कई लोग मौजूद रहे। इस मौके पर तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवप्रकाश अवस्थी, महामंत्री कमला पति तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता राममोहन शुक्ला, सुरेंद्र नाथ शुक्ला, राधाकांत शुक्ला, अनमोल तिवारी, आशीष दीक्षित और रविकांत पांडेय ‘मोनू’ समेत सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। शोभायात्रा के दौरान कस्बे के विभिन्न हिस्सों में लोग इसके मार्ग पर मौजूद रहे और कन्हैया डोल के दर्शन किए।

राम जानकी मंदिर से शुरू हुई कन्हैया डोल की शोभायात्रा कस्बे की गलियों से होकर आगे बढ़ी। मार्ग में पूजा-अर्चना, आरती, पुष्पवर्षा और भक्ति गीतों का क्रम चलता रहा। शोभायात्रा देर रात वापस राम जानकी मंदिर पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। इस दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन और भक्ति गीतों के साथ यात्रा में शामिल रहे।
